अक्षय तृतीया पर बन रहा है विशेष मंगलकारी संयोग

इटारसी। प्रमुख हिन्दू त्योहारों में से एक अक्षय तृतीया का पावन पर्व इस वर्ष और अधिक शुभकारी रहेगा। धर्मशास्त्रों के मुताबिक इस वर्ष अक्षय तृतीया पर सूर्य, शुक्र, चंद्रमा और राहू जैसे चार अलग-अलग ग्रहों का विशेष मंगलकारी संयोग बन रहा है। यह संयोग इस दिन होने वाले धार्मिक व सामाजिक कार्यों को भी मंगलमय बनाएगा।
भारतीय पंचांग के बैशाख माह के शुक्ल पक्ष वाले द्वितीय पखवाड़े की तृतीय तिथि जिसे अक्षय तृतीया कहते हैं, यह तिथि शुभ एवं मंगलकारी होती है। इस दिन विवाह सहित वह सभी मंगल कार्य निर्विघ्न संपन्न होते हैं, जो शेष अन्य तिथियों में नहीं हो पाते हैं। अक्षय तृतीया के इस महत्व को लेकर इटारसी के विद्वान पंडित मुरारी उपाध्याय बताते हैं कि अक्षय तृतीया के दिन जहां सतयुग व त्रेतायुग का शुभारंभ हुआ था तो वहीं द्वापर युग का समापन हुआ था। इतना ही नहीं मां गंगा का आगमन भी इसी दिन पृथ्वी पर हुआ था। भगवान परशुराम ने इसी दिन अवतार लिया था। भगवान बद्रीनाथ के कपाट भी इसी पावन दिन खुलते हैं। उनके अनुसार बैशाख का पूरा महीना दान-पुण्य का होता है लेकिन अक्षय तृतीया पर कन्यादान का विशेष महत्व होता है इसलिए हिन्दू धम्र के सामूहिक विवाह भी इसी दिन होते हैं।
पंडित मुरारी उपाध्याय के अनुसार 7 मई को मंगलवार के दिन अक्षय तृतीया का जो आगमन हो रहा है, वह अत्यधिक मंगलकारी है। चूंकि इस दिन शुक्र, चंद्रमा, सूर्य और राहू अपनी उच्च राशि में रहकर मानव जीवन पर बेहतर प्रभाव डालेंगे। यह संयोग 16 वर्ष बाद बना है कि चार ग्रह एक साथ उच्च राशि में प्रवेश कर रहे हैं। एक अन्य धार्मिक विद्वान हेमंत तिवारी ने बताया कि इस बार की अक्षय तृतीया का प्रारंभ 7 मई को सुबह 3 बजेकर 12 मिनट पर होगा और विशेष मुहूर्त सुबह 5:40 बजे से दोपहर सवा 12 बजे तक रहेगा। सोना, चांदी जैसे आभूषण व बहुमूल्य वस्तुओं की खरीदी का शुभ मुहूर्त इस दिन शाम 5:40 बजे से मध्यरात्रि तक रहेगा।

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