अच्छी खबर : संभाग में चार जगह लगेगी कोरोना टेस्टिंग मशीन

अच्छी खबर : संभाग में चार जगह लगेगी कोरोना टेस्टिंग मशीन

होशंगाबाद जिले में दो और बैतूल तथा हरदा जिलों में एक-एक लैब बनेंगी
इटारसी। कोरोना संक्रमण की जांच के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। महज एक दिन में इसकी रिपोर्ट मिल जाएगी और मरीजों का उपचार तत्काल शुरु हो सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने नर्मदापुरम संभाग में चार स्थानों पर मशीनें लगाने का निश्चित किया है। प्रदेश के जिलों में मशीन लगाने की शुरुआत भी मुरैना से हो गयी है जहां केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र तोमर ने इसका उद्घाटन किया।
होशंगाबाद जिले के इटारसी में ही कोरोना के पॉजिटिव केस मिले थे, अत: यहां कोरोना टेस्टिंग मशीन लगाना अति आवश्यक है। इटारसी के सिविल अस्पताल में इसकी तैयारियां भी हो चुकी हैं, बस मशीन आना शेष है। जिला मुख्यालय और इटारसी से दूर होने के कारण पिपरिया में भी यह मशीन लगेगी। अब इन स्थानों पर एक दिन में कोरोना के 50 टेस्ट हो सकेंगे जबकि अब तक भोपाल के एम्स हास्पिटल में सेंपल भेजने पर तीन से चार दिन का समय लग रहा था।

चार मशीनें इंस्टॉल होंगी
कोरोना वायरस टेस्टिंग मशीन होशंगाबाद जिले में इटारसी और पिपरिया हॉस्पिटल में इंस्टॉल होना है जबकि संभाग के हरदा और बैतूल में भी एक-एक मशीन इंस्ट्रॉल की जाएगी। मशीन के इंस्टॉलेशन से पहले बायोसेफ्टी कैबिनेट बनाने के निर्देश सीएमएचओ कार्यालय को मिले हैं। सिविल अस्पताल इटारसी के अधीक्षक डॉ. एके शिवानी ने बताया कि इसकी तैयारी की जा चुकी है, केवल मशीन इंस्टॉल होना है, मशीन आने के बाद यह काम भी होकर टेस्टिंग प्रारंभ हो सकेगी।

एक दिन में 50 जांच होंगी
राज्य के स्वास्थ्य महकमे में सैंपल टेस्टिंग के लिए मेडिकल कॉलेज ओपन निर्भरता को करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। फिलहाल होशंगाबाद जिले के सभी सेंपल को एम्स भोपाल वह भेजा जाता है, जहां से रिपोर्ट 3-4 दिन में मिल पाती है। कई बार अधिक समय होने सेे सैंपल फेल होने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में अब होशंगाबाद के सैंपल होशंगाबाद जिले में ही टेस्टिंग किए जा सकेंगे। माना जा रहा है कि एक मशीन से 1 दिन में 50 से अधिक जांच की जा सकेगी।

दो से ढाई सौ टेस्ट हो सकते हैं
कोरोना वायरस टेस्टिंग मशीन टीबी जांच में भी उपयोग की जाती है। इस मशीन से दो सौ से ढाई सौ टेस्टिंग एक दिन में हो सकती है। लेकिन, फिलहाल केवल 50 टेस्ट ही किये जाएंगे। कोरोना वायरस टेस्टिंग के दौरान टूनेट कैटीज चिप लगानी पड़ेगी जिसके बाद कोरोना की आसानी से जांच हो सकेगी। भारत को सन् 2025 तक टीबी रोग से मुक्त करने अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें टीबी मरीजों की जांच के लिए नई टेक्नॉलॉजी की हाईटेक यूनिट मशीन का उपयोग होना है।

हर कदम पर रखी नजर
विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा के नेतृत्व में कोरोना के खिलाफ चली जंग हमारा शहर जीत चुका है। जिले में अब कहीं भी कोई एक्टिव केस नहीं है। विधायक डॉ. शर्मा ने कोरोना के खिलाफ चली लड़ाई में हर पहलू पर अपनी बराबर नजरें जमाये रखी थीं। वे कोरोना प्रकरणों में लगातार स्वास्थ्य विभाग के संपर्क में रहे और उनके पास इसकी रिपोर्ट आती रही। उन्होंने कई मामलों में न सिर्फ अपने सुझाव दिये बल्कि कहीं कमजोर पाये जाने पर निर्देश देकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करायीं। उन्होंने कोरोना से लड़ाई के लिए विधायक निधि से 30 लाख रुपए भी प्रदान किये हैं। इस मशीन लग जाने से कोरोना के खिलाफ जंग में और बेहतर तरीके से काम हो सकेगा।

इनका कहना है…

हमारा शहर कोरोना से मुक्त हो चुका है, लेकिन हमें सावधान रहना होगा। लोगों को फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाने के निर्देशों का पालन करना चाहिए, ताकि ऐसी कोई स्थिति दोबारा न बने। बावजूद इसके यदि ऐसा कुछ होता है तो जांच मशीन यहीं लग जाने से हम तेजी से सेंपल लेकर जांच कर सकते हैं और यदि कोई पॉजिटिव होता है तो उसे तत्काल उपचार भी मिलने लगेगा। मशीन आने से हमारे शहर में ही जांच की सुविधा मिलने लगेगी।
डॉ.सीतासरन शर्मा, विधायक

हमारी तैयारी पूरी है, जहां अभी तक पर्ची काटी जाती थी, उस जगह पर मशीन लगाने की व्यवस्था कर दी गई है। पर्ची काटने का काम दूसरी जगह कर दिया है। अब केवल मशीन आने का इंतजार है। मशीन इंस्टॉलेशन के बाद यहां भी कोरोना जांच की सुविधा प्रारंभ हो जाएगी।
डॉ. एके शिवानी, अधीक्षक
डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय अस्पताल

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