अतिशेष शिक्षक शिक्षिकाओं का चार माह का वेतन रुका

अतिशेष शिक्षक शिक्षिकाओं का चार माह का वेतन रुका

होशंगाबाद। जिले के कैंसर, हार्ट अटैक, ब्लड प्रेशर, शुगर आदि अनेक बीमारियों से पीडि़त एवं एक या दो वर्ष में सेवा निवृत्त होने जा रहे 19 वरिष्ठ अतिशेष शिक्षक-शिक्षिकाएं जिला शिक्षा अधिकारी रवि सिंह बघेल एवं स्थापना शाखा में स्थानांतर का कार्य देख रहे शुक्करवाड़ा हायर सेकेंडरी स्कूल प्राचार्य सुरेश मिश्रा की कार्यप्रणाली के चलते नवंबर 2019 से वेतन से वंचित हैं। अर्थाभाव में अपना इलाज तक नहीं करा पा रहे हैं एवं साथ-साथ भुखमरी के शिकार हो रहे हैं। शिक्षक कल्याण संगठन इटारसी नगर इकाई अध्यक्ष सुषमा शर्मा ने संगठन की और से विधायक डॉ सीतासरन शर्मा के कार्यालय में ई मेल से शिकायत भेजकर, उनसे चार महीनों के वेतन भुगतान के साथ नियम विरुद्ध स्थानांतर निरस्त कराने की मांग की है।
नगर अध्यक्ष सुषमा शर्मा का कहना है कि डीईओ कार्यालय ने 21 नवंबर 2019 को जिले के अतिशेष शिक्षक शिक्षिकाओं की काउंसलिंग होशंगाबाद में रखी थी। काउंसलिंग वाले दिन पोर्टल होशंगाबाद ब्लॉक की जिन शालाओं में शिक्षक-शिक्षिकाओं के रिक्त पदों को 18,19, 20 नवंबर 2020 में रिक्त दर्शा रहा था, वे सब भरे हुए थे। पोर्टल केवल सिवनी मालवा ब्लाक के सड़क मार्ग से 50-60 किलोमीटर दूर के स्कूलों में ही शिक्षक शिक्षिकाओं के रिक्त पदों को दर्शा रहा था। 21 नवंबर की काउंसलिंग हुए बिना 20 नवम्बर की रात्रि में ही सिवनी मालवा ब्लाक के शिक्षक शिक्षिकाओं की पदस्थापनाऐं होशंगाबाद ब्लाक की शालाओं के रिक्त पदों पर कैसे कर दी? इससे 55-62 वर्ष आयु के शिक्षक शिक्षिकाओं को दूसरे ब्लाक की दूरस्थ क्षेत्रों की शालाओं में जाना पड़ रहा है। आदेश के विरुद्ध अतिशेष शिक्षक शिक्षिकाएं स्थानांतरित शालाओं में जाने के बजाय जबलपुर हाईकोर्ट से स्टे ले आए लेकिन इन्होंने इसे भी लीपा पोती कर दबा दिया।
शिक्षक कल्याण संगठन के संयोजक राजकुमार दुबे का कहना है कि स्थानांतरण करने का कार्य जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की गोपनीय स्थापना शाखा के हेड क्लर्क का होता है फिर शुक्करवाड़ा प्राचार्य सुरेश मिश्रा किस हैसियत से स्थापना शाखा के इस अति गोपनीय कार्य को अंजाम दे रहे हैं? ये पूरे समय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बैठते हैं तो इनकी हायर सेकेंडरी शाला किसके हवाले रहती हैं। डीईओ बघेल अतिशेष शिक्षक शिक्षिकाओं की समस्याओं का समाधान स्वयं करने के बजाय प्राचार्य मिश्रा से संपर्क करने को क्यों कहते हैं?

CATEGORIES
TAGS

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus ( )
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: