अस्पताल में भर्ती हैं, होटल में नहीं, जो मिलेगा खाना पड़ेगा, बोले अधीक्षक

अस्पताल में भर्ती हैं, होटल में नहीं, जो मिलेगा खाना पड़ेगा, बोले अधीक्षक

इटारसी।– मरीज के बेटे की शिकायत 9:30 तक नहीं दिया नाश्ता
-अधीक्षक झल्लाकर बोले
– पिता का भूख के मारे बुरा हाल था, नर्स ने अभद्रता की
सिविल अस्पताल में भर्ती कोरोना पॉजिटिव मरीज के परिजनों ने मरीज को खाने को कुछ नहीं मिलने की शिकायत का एक वीडियो जारी कर अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया है। मरीज के पुत्र ने न सिर्फ स्थानीय प्रबंधन बल्कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पर भी ठीक से बात नहीं करने का आरोप लगाया। एक वीडियो मैसेज में मरीज के बेटे फैजल खान ने कहा कि सुबह उसकी उसके पापा से बात हुई थी तो 9:30 बजे तक उनको नाश्ता नहीं मिला था और वे भूख से तड़प रहे थे।
जब इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर जैसानी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मरीज अपनी पसंद का नाश्ता चाहता है, वह बीमार है तो फाइव स्टार जैसा खाना तो नहीं मिलेगा न। उनको हलवा चाहिए था। मरीज के बेटे ने अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एके शिवानी से भी बात की तो उन्होंने भी काफी गुस्से में कहा कि मरीज को मरीज जैसा ही खाना मिलेगा। जब उसके बेटे ने कहा कि मिला ही नहीं है तो वे बोले कि जैसा सबको मिलता है, वैसा ही मिलेगा, आपकी पसंद का नहीं मिलेगा। डॉ. शिवानी के इस तरह उत्तेजित होकर बात करने के सवाल पर सीएमएचओ डॉ. जैसानी ने कहा कि श्रमिक एक्सप्रेस में ड्यूटी के कारण बहुत से डाक्टर सारी रात सोये नहीं हैं, ऐसे में आप अपनी पसंद बताकर खाना मांगोगे तो कुछ गुस्सा आएगा ही। हमारे ऊपर भी काफी काम का दबाव है। डॉक्टर भी इनसान होते हैं। वे लोग 16-18 घंटे इसी काम में लगे हैं। 64 वर्ष की उम्र है, चार माह बाद रिटायर हो जाएंगे, कुछ तो रहम करो, वे बहुत बेहतर काम कर रहे हैं।

इटारसी में बेहतर व्यवस्था
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर जैसानी से जब उनके परिजनों की इच्छा पर बात की गई कि वे चाहते हैं कि यहां से हटाकर मरीज को पवारखेड़ा शिफ्ट कर दें तो उनका जवाब था कि इटारसी में पवारखेड़ा के मुकाबले अधिक सुविधा है। यहां जरूरत पर तत्काल डॉक्टर मिल जाएंगे। पवारखेड़ा में अस्थायी कोविड केयर सेंटर की व्यवस्था है जबकि इटारसी में अस्पताल है।

कुछ ऐसी चल रही व्यवस्था
– केस इटारसी में मिल रहे हैं और हेड क्वार्टर होशंगाबाद में है
– एम्बुलेंस 108 का मुख्यालय भी इटारसी में नहीं होशंगाबाद में
– इटारसी में तीन एम्बुलेंस हैं, कोरोना में केवल एक का उपयोग
– एक एम्बुलेंस महिला डॉक्टर को लाने-ले जाने में उपयोग होती
– एक एम्बुलेंस को नाइट शिफ्ट में आपात के लिए रखा जाता है

इनका कहना है…!
केवल 18 रिपोर्ट आना शेष है, बाकी सब आ गयी हैं। जहां तक कल मिले मरीज की बात है तो वे अपनी पसंद का खाना चाहते हैं, मरीज को उसकी पसंद से नहीं बल्कि जो सही होगा वही खाना दिया जाएगा। जहां तक अभद्रता की बात है, काम को बोझ बहुत है। डाक्टर भी इनसान है।
डॉ.सुधीर जैसानी, सीएमएचओ

मरीज अपनी पसंद का खाना मांग रहा है, मना किया तो दबाव बना रहे थे। काम का इतना बोझा है, थोड़ा गुस्सा आ जाता है। हमने उच्च अधिकारियों को भी अवगत करा दिया है, पवारखेड़ा भेजना मेरे हाथ में नहीं है। आदेश होंगे तो भेज देंगे।
डॉ. एके शिवानी, अधीक्षक सिविल अस्पताल

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