अहिंसा भारतीय धर्म संस्कृति की महत्वपूर्ण पहचान है : आचार्य  मिश्र

भक्त के विश्वास की प्रतिमूर्ति हैं हनुमान - संतश्री

भक्त के विश्वास की प्रतिमूर्ति हैं हनुमान – संतश्री
इटारसी। संसार में भगवान श्रीराम के भक्त रूपी विश्वास की कोई प्रतिमूर्ति है तो वो हैं श्री हनुमान जी। अत: परमात्मा श्री राम की कृपा प्राप्त करना है तो हनुमान जी जैसी भक्ति का समर्थ दिखाना होगा। उक्त उद्गार परीक्षाधाम झांसी के पीठाधिश्वर संतश्री महावीरदास जी न ग्राम सोनतलाई में व्यक्त किये।
चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मां कात्यायिनी देवी मंदिर समिति द्वारा ग्राम सोनतलाई में आयेाजित धार्मिक सत्संग में स्वामी श्री महावीरदास ने श्री हनुमान के चरित्र का वर्णन करते हुये कहा कि जब संसार पर संकट पड़ता है, तो भगवान श्री राम दूर करते हैं लेकिन जब भगवान पर संकट पड़ता है तो उसे हनुमान जी दूर करते हैं जिसका प्रत्येक्ष उदाहरण है लक्ष्मण शक्ति का। अयोध्या के संत शशि भूषणदास जी ने कहा कि जब लक्ष्मण जी को ब्रहमास्त्र की शक्ति लगी तो उनके उपचार के लिये सुखेन वैध को लाने लंका में पुन: प्रवेश हनुमान ने ही किया और जब सुखैन वैध ने लक्ष्मण जी के उपचार के लिये संजीवनी बूटी it4417 (3)चाही तो उसे भी कोसों मील दूर सूमेरू पर्वत से लाने का काम हनुमान ने ही किया। मंगलवार की कथा में श्री हनुमान जी के इसी महान चरित्र वाले प्रसंग को दतिया की मानस माधुरी ज्योति रामायणी, छतरपुर श्री राघवेन्द्र महाराज एवं सागर के आचार्य श्री राकेश पाठक ने भी भक्तिमय विस्तार दिया।
विश्व में सबसे अच्छी कोई धर्म संस्कृति है तो वो है भारतीय धर्म संस्कृति। यह विचार आचार्य महेन्द्र मिश्र मानसमणि ने श्री द्वारिकाधीश मंदिर प्रांगण में व्यक्त किये। श्री राम जन्मोत्सव समिति द्वारा आयोजित श्री राम कथा समारोह के समापन दिवस में श्रोताओं को अहिंसा का संदेश देते हुए मानसमणि महेन्द्र मिश्रा ने कहा कि अहिंसा और गंगा भारत की स्मिता और प्रतिष्ठा है। अहिंसा है तो गंगा है और गंगा है तो भारत चंगा है। महाराज श्री ने कहा की भारत देश की संस्कृति यही है कि हम अहिंसक बनें। सभी लोग जब पूर्णत: अहिंसात्मक हो जायेंगे, उसी दिन से यह देश पुन: राम राज की ओर अग्रसर होगा। समापन पर श्री द्वारिकाधीश मंदिर समिति की ओर से मप्र विधानसभा के अध्यक्ष डॉ सीतासरन शर्मा ने आचार्य प्रवर श्री महेन्द्र मिश्र का सम्मान किया। मंदिर समिति के कार्यकारी अध्यक्ष रमेश चांडक, श्री राम जन्मोत्सव समिति अध्यक्ष सतीश सांवरिया, संरक्षक प्रमोद पगारे, सचिव अशोक शर्मा, संयोजक संदीप मालवीय, शोभा यात्रा संयोजक संजय खंडेलवाल, कार्यकारी अध्यक्ष जसबीर सिंह छाबड़ा भी मुख्य रूप से उपस्थित थे। श्री राम जन्मोत्सव समिति के संरक्षक प्रमोद पगारे ने बताया कि श्री राम नवमी पर भगवान श्री द्वारिकाधीश श्री राम के स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे। श्री द्वारिकाधीश मंदिर को अयोध्या के रूप में संजाया है जहां 5 अप्रैल सुबह 10 बजे से धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ होंगे। दोपहर 12 बजे भगवान का जन्म होगा। इस समय महाआरती के साथ ही श्री राम लला के भजन भी होंगे। श्री राम जन्मोत्सव की भव्य शोभा यात्रा शाम 6 बजे मंदिर प्रांगण से प्रारंभ होगी।

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