आजादी के दीवानों को चित्रों में सहेजकर रखा

इटारसी। हरदा रोड होशंगाबाद में स्थित केसरिया गार्डन में पंडित राम शर्मा ने देश के महान क्रांतिकारी और शहीदों के चित्रों और दस्तावेजों की प्रदर्शनी लगायी है जो नौजवान पीढ़ी को आजादी के दीवानों के विषय में जानकारी देती है।
रविवार को हरदा रोड स्थित केसरिया गार्डन में देश के क्रांतिकारी शहीदों के दुर्लभ चित्र एवं दस्तावेज ये बता रहे हैं। देश में आज भी ऐसे नागिरक मौजूद हैं जो अपने देश की माटी से कितना प्यार करते हैं। उसी में एक है बीना के रामलाल शर्मा जिन्होंने देश के महान क्रांतिकारी और शहीदों के चित्रों और दस्तावेजों को आज भी सहेजकर रखा है। ये दुर्लभ चित्र एवं दस्तावेजों के माध्यम से श्री शर्मा देश में बाल एवं नौजवान पीढ़ी को भारत के इतिहास की जानकारी प्रदर्शनी के माध्यम से देते हैं। भागमभाग भरी जिंदगी में देश के महापुरुषों के जीवन चरित्र के दुर्लभ चित्र को सहेजकर रखना पंडित राम शर्मा जैसे व्यक्ति ही रख सकते हैं। पंडित राम शर्मा के सहेजे गए दुर्लभ चित्रों की प्रदर्शनी के माध्यम से देश के गौरवशाली इतिहस के बारे में बताया गया। बीना के पं. राम शर्मा भारत के अमर शहीदों के चित्र और दस्तावेज की प्रदर्शनी के माध्यम से देश को मिली आजादी की कहानी बयां कर रहे हंै। केसरिया गार्डन में आयोजित सम्मान समारोह के 36 वर्ष के अवसर पर शाम ए यादगार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में संग्रहित दुर्लभ दस्तावेजों की चित्र प्रदर्शनी दिखाकर हमारे दुर्लभ इितहास के बारे में जानकारी दी गई।
केसरिया गार्डन में देश के क्रांतिकारी शहीदों के दुर्लभ चित्र और उनके दस्तावेजों में स्वाधीन भारत अखबार का मुंबई में 25 मार्च 1931 का अंक जिसकी खबर सरदार भगत सिंह की फांसी का देशव्यापी विरोध, हिन्दु पत्र भगत सिंह की फांसी पर देश में हलचल, 10 दिसबंर सन 1930 का अखबार जिसकी मुख्य खबर लाहोर में गोरे कप्तान मेकलेनघन की हत्या, लाहोर में फांसी का भीषण दृश्य, क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद से जुड़े चित्र उनकी कुटिया, शहीद असफउल्लाह खां की तस्बीर, रामप्रसाद बिस्मिल का उद्बोधन, 1856 में लिखा महारानी लक्ष्मी बाई का पत्र राजा मर्दन सिंह को, सहित बहुत सी तस्वीरें शािमल हैं। श्री शर्मा लगभग 20 साल से आजादी से संबंधित चित्रों, दस्तावेजों, समाचार-पत्रों के संग्रह में जुटे हुए हैं।

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