आसमान पर चढ़ी धुएं की परत, धुंधली हो गयी धूप

आसमान पर चढ़ी धुएं की परत, धुंधली हो गयी धूप

इटारसी। शनिवार को ही राजस्व विभाग ने आधा दर्जन किसानों के खिलाफ नरवाई जलाने के मामले में पुलिस थाने में प्रकरण पंजीबद्ध कराया है। इससे किसानों में जरा भी भय नहीं है और रविवार को किसानों ने फिर बड़े रकबे में खड़ी नरवाई को आग के हवाले कर दिया। सारा दिन आसमान पर काला धुआं छाया रहा और धूप धुंधली हो गयी।
किसान प्रशासन की तमात तैयारियों और चेतावनी को नजरअंदाज कर रहे हैं। मूंग की फसल बोने के लालच में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले किसानों पर सख्त कार्रवाई करना होगा। केवल एफआईआर दर्ज करने से ये रुकने वाले नहीं हैं।
रविवार को सुबह से ही शहर के चारों ओर से आसमान पर काला धुआं छा रहा था। नयायार्ड, मालवीयगंज, बारह बंगला, खेड़ा, पुरानी इटारसी, लाइन क्षेत्र सहित संपूर्ण इटारसी का आसमान धुएं से काला हो रहा था। सुबह से धुआं देखकर लगता है कि किसानों ने रात में ही नरवाई आग के हवाले कर दी थीं। सुबह जब लोग सोकर उठे तो आसमान पर धुंए की एक परत चढ़ चुकी थी। इस धुएं के कारण कई लोगों ने आखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत भी की। दरअसल, इटारसी के आसपास सोनासांवरी, के अलावा धौखेड़ा-इटारसी रोड, रैसलपुर लोहारिया, पांजराकलॉ, तारारोड़ा, आदि गावों में नरवाई बड़े पैमाने पर जली है।
ग्राम जुझारपुर के किसान नेता विजय बाबू चौधरी ने कहा कि पिछले वर्ष हमारे जिले में एक बड़ी और अमानवीय घटना में करीब आठ लोगों ने अपनी जान गंवाई है, इसके बावजूद यदि हमने अपने को बदला नहीं तो यह माना जाना चाहिए कि किसान सो नहीं रहा है, बल्कि जागते हुए मनमानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि नरवाई जलाने के पीछे मूंग की खेती सबसे बड़ी वजह है। जब तक खेतों में फसल खड़ी रहती है, किसान जरा सी आग देखकर खेतों की ओर दौड़ पड़ता है और जब अपनी फसल कटने के बाद वह अन्य की फसल कटने का इन्तजार नहीं करना चाहता है। वह नरवाई जला कर खेत तैयार करना शुरू कर देता है। ग्राम जमानी के किसान हेमंत दुबे कहा कहना है कि प्रशासन के साथ ही किसानों ने भी नरवाई न जलाने के लिए अनुरोध किया था। लंबे समय तक मुहिम चलायी गयी थी। लेकिन, कुछ किसानों के कारण सारा किसान वर्ग बदनाम होता है। जो लोग कानून का उल्लंघन करते हैं, ऐसे किसानों के खिलाफ अब तो सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

CATEGORIES
TAGS

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus ( )
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: