एक घंटे की झमाझम बारिश से सड़कें जलमग्न

एक घंटे की झमाझम बारिश से सड़कें जलमग्न

– ढाबा नदी के निर्माणाधीन पुल की सेंटिंग बह गयी
– नदी के तेज बहाव में रपटा बहा, जमानी मार्ग बंद
– झमाझम बारिश से मिली गर्मी और उमस से राहत
इटारसी। मानसून की बारिश का दूसरा दौर आज प्रारंभ हुआ। महज एक घंटे की तेज बारिश ने नगर पालिका के नाला-नालियों की सफाई के दावों की सच्चाई सामने लाकर रख दी। नाले-नालियों की पिछले एक माह से हो रही सफाई के बावजूद आज महज एक घंटे की झमाझम ने सड़कों पर पानी भर दिया।
बारिश नहीं होने से धान की फसल को लेकर परेशान और चिंतित किसानों के लिए आज शुक्रवार का दिन फौरी राहत लेकर आया है। दोपहर के समय करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई। बारिश के कारण मौमस में ठंडक आ गई। लेकिन इस बारिश ने नगर पालिका के उन दावों की पोल खोल कर रख दी, जो दावे बारिश से पहले नाला-नाली सफाई को लेकर किए गए थे।

सड़कों पर भर गया पानी
बारिश से सड़कों पर पानी भर गया था और नाली का पानी सड़क पर बह रहा था। सूरजगंज, लाइन क्षेत्र के अलावा लगभग हर निचले इलाकों पर काफी देर तक पानी भरा रहा जिसके कारण लोगों को वहां से निकलने में परेशानी हुई। लाइन क्षेत्र सहित शहर की कुछ सड़कों पर तो तब-तब पानी भरता है जब-जब बारिश होती है। लगातार समस्या बने होने के बाद भी नपा की कार्यप्रणाली में कोई सुधार कार्य नहीं कराया जा रहा है।

किसानों को मिली राहत
दोपहर के समय लगातार करीब एक घंटे तक तेज और मद्धम बारिश हुई। बारिश होने से किसानों को काफी राहत मिली है। बारिश नहीं होने के कारण कृषि कार्य में परेशानी आ रही थी। बारिश नहीं होने से गर्मी से भी लोग परेशान हो रहे थे। बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया था। आसमान पर दोपहर बाद छाये बादल तेज हवा के बावजूद जमकर बरसे। पहले माना जा रहा था कि हवा से बादल छंट जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

कांग्रेस ने कहा, नहीं होती सफाई
नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पंकज राठौर ने कहा कि सूरजगंज मेनरोड पर भी पानी और गलियों में भी। सभी जगह पानी और कीचड़ ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया। नगर पालिका ने यहां इस बार बारिश के पहले भी नाले की सफाई नहीं करायी जिससे पहली बारिश में ही बुरा हाल हो गया। जबकि वर्तमान में कोविड १९ का कहर भी चल रहा है। नगर पालिका का सफाई विभाग तो न सिर्फ बेपरवाह, बल्कि लापरवाह भी है।


नपा दफ्तर के नीचे ही भरा पानी
बारिश के बाद जलजमाव के हाल तो यह थे कि नगर पालिका कार्यालय के नीचे बने काम्पलेक्स के सामने ही बड़ी मात्रा में पानी भरा था। यहां के लोग पिछले कई वर्षों से बारिश में होने वाली इस समस्या को लेकर नगर पालिका से समस्या निदान की मांग करते रहे हैं। लेकिन हर रोज दफ्तर आने वाले अधिकारी भी उनकी इस समस्या को नजरअंदाज करते हुए सीढिय़ों से ऊपर चले जाते हैं। वर्षों की इस समस्या का निदान नहीं होता है।

यहां भी भरा पानी
शहर के लगभग हर उन हिस्सों में निकास व्यवस्था नहीं होने से पानी भर गया था, जहां यह हर वर्ष भरता है। वर्षों से हालात ऐसे होने के बावजूद प्रशासन ने कभी गंभीरता से समस्या हल करने के प्रयास नहीं किये। अधिकारियों ने समस्या का समाधान नहीं होने की मानसिकता बना ली है। १२ बंगला में वर्मा सेल, बेस किचन के सामने एक प्लाट पर बिना नाली के ऐसे लेबल किया है कि नरेन्द्र नगर के कई घरों में आज पानी घुस गया।

इन हिस्सों में भरा पानी
शहर के एक दर्जन से अधिक सड़कें और क्षेत्र ऐसे हंै, जहां इस बारिश से सड़कों और गलियों में पानी भर गया। हालात तो यहां तक खराब हो गये कि मुख्य बाजार में भी सड़कों पर पानी भर गया था। राधाकृष्ण मार्केट के सामने की दुकानों में तो हालात यह हो गये थे कि पानी दुकानों के भीतर जाने लगा था। सूरजगंज, १२ बंगला, लाइन क्षेत्र, नगर पालिका कार्यालय, रेस्ट हाउस चौराह, सहित कई इलाके जलमग्न हो गये थे।

इनका कहना है…
बारिश पूर्व नाले-नालियों की सफाई की गई है, लेकिन बाजार क्षेत्र में तो हालात इतने खराब हैं कि आप बाजार बंद होने के बाद जाकर देखें तो कचरे का अंबार मिलेगा। कुछ दुकानदार तो नालियों में कचरा गिराकर जाते हैं, ऐसे में नालियां चोक होंगी और पानी भरेगा। हमने बाढ़ राहत दल के नंबर जारी किये हैं, जहां पानी भरता है तो लोगों को उन नंबरों पर संपर्क करना चाहिए, टीम तत्काल आकर पानी निकासी की व्यवस्था करेगी।
चंद्रप्रकाश राय, सीएमओ

  • रपटा बहा, जमानी-ढाबाकलॉ मार्ग बंद
    तेज बारिस के बाद पहाड़ों से निकलने वाली नदियां उफान पर थीं और उनके तेज बहाव की डरावनी तस्वीरें सामने आयी हैं। इटारसी से धर्मकुंडी मार्ग पर जमानी और ढाबाकलॉ के बीच पडऩे वाली ढाबा नदी के तेज बहाव के आगे अस्थायी रपटा थमा न रह सका और तेज धार के साथ बह गया। पानी का बहाव तो इतना तेज था कि इस नदी पर बन रहे पुल की स्लैब डाली जानी थी और इसके लिए ठेकदार द्वारा लगायी गयी सेंटिंग भी पूरी बह गयी। इससे ठेकेदार तो हजारों का नुकसान हुआ ही है, मार्ग बंद होने से ग्रामीण भी शहर नहीं आ सके।
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AUTHORRohit

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