कमिश्नर एवं कलेक्टर ने बोरी बंधान में किया श्रमदान

लगभग 4 हजार स्थानों पर शुरू हुआ बोरी बंधान का कार्य

लगभग 4 हजार स्थानों पर शुरू हुआ बोरी बंधान का कार्य
होशंगाबाद। नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव ने नर्मदापुरम संभाग के होशंगाबाद, हरदा और बैतूल जिले में सामान्य से भी कम वर्षा होने पर और इससे आगे आने वाले समय में जल संकट की आहट को दृष्टिगत रखते हुए पानी को सुरक्षित रखने एवं उसके संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को अपने-अपने जनपद पंचायत के विभिन्न ग्राम पंचायतों के बड़े नालों, छोटी नदियों व नालियों पर पानी को रोकने के लिये तत्काल बोरी बधान करने के निर्देश दिये थे। उन्हीं निर्देशों के परिपालन में शुक्रवार को होशंगाबाद, हरदा व बैतूल जिले में सभी बड़े नालों, छोटी नदियों व नालियों, जल स्त्रोतो पर बोरी बंधान का कार्य प्रारंभ हुआ। स्वयं कमिश्नर उमाकांत उमराव ग्राम ब्यावरा पहुंचे और उन्होने वहां ग्राम पंचायत के पीछे वाले बड़े नाले पर बोरी बधान के कार्य मे श्रम दान किया।
वही जिला पंचायत अध्यक्ष श्री कुशल पटेल व कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया अपने प्रशासनिक अमले के साथ ग्राम रोहना पहुंचे और वहां एक बड़े नाले पर बोरी बंधान का कार्य किया और ग्रामीणों को प्रेरित किया कि वे जल संरक्षण का महत्व समझे और जल की एक-एक बूंद बचाने के लिय बोरी बंधान का कार्य करें ताकि बोरी बंधान के माध्यम से एकत्रित जल व्यर्थ इधर-उधर न बहे और संकट काल में उसका उपयोग किया जा सकें।
श्रम दान के समय ग्रामीणों ने कमिश्नर श्री उमराव एवं कलेक्टर श्री लवानिया के साथ उत्साह पूर्वक शामिल होकर श्रमदान किया और अपनी सहभागिता निभाई। उल्लेखनीय है कि हरदा, होशंगाबाद व बैतूल जिले में लगभग 4 हजार स्थानों पर बोरी बंधान का कार्य किया जा रहा है। बैतूल में प्रथम चरण में ही बोरी बंधान का कार्य सभी ग्राम पंचायतों में सफलतापूर्वक किया जा चुका है और वहां द्वितीय चरण का कार्य 16 सितम्बर से एक साथ प्रारम्भ किया जायेगा। किन्तु आज बैतूल के ग्राम कड़ाई में बोरी बंधान का कार्य उत्साह पूर्वक एवं सफलतापूर्वक ग्रामीणों द्वारा किया गया है। हरदा के विभिन्न ग्राम पंचायतों में भी कलेक्टर श्री अनय द्विवेदी के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने ग्रामीणों के सहयोग से बोरी बंधान का कार्य किया।
कमिश्नर श्री उमराव ने भी सभी व्यक्तियों को पानी के एक-एक बूंद के समुचित उपयोग की समझाइश दी है और कहा कि पेयजल को हर हाल में सुरक्षित रखा जाये। उन्होने टूटे स्टाम्प डेम की मरम्मत करने के निर्देश भी दिये। कमिश्नर ने कहा कि नदी, तलाब, कुओं, बावड़ी, नालों, नालियों का पानी सुरक्षित रखा जाये और इसका किफायत से इस्तेमाल किया जाये। कमिश्नर ने कहा कि जिन गांवों में जल स्त्रोतों में पानी की कमी है, उसकी सूची पी.एच.ई. विभाग कलेक्टर एवं कृषि विकास विभाग को उपलब्ध करायेगे ताकि उन गांवों के किसानों को कम पानी वाली फसल लेने के लिये प्रोत्साहित किया जा सके।

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