कल शाम को अस्तांचल सूर्य को देंगे अघ्र्य

उत्तर भारतीय समाज का महाछठ पर्व व्रत शुरु

उत्तर भारतीय समाज का महाछठ पर्व व्रत शुरु
इटारसी। उत्तर भारतीय समुदाय द्वारा मनाए जाने वाले सूर्य उपासना के पर्व महाछठ का शुभारंभ हो चुका है। चार दिन चलने वाले इस पर्व का समापन शुक्रवार को सूर्योदय के साथ होगा, जबकि गुरुवार की शाम को सूर्यास्त के वक्त भगवान भास्कर को पानी में खड़े रहकर अघ्र्य दिया जाएगा।
मंगलवार को नहाय-खाय से प्रारंभ व्रत में उपासकों ने दूसरे दिन खरना का आयोजन किया। इसे छोटी छठ भी कहा जाता है। बड़ी छठ 26 और 27 अक्टूबर को मनायी जाएगी। इस दिन उपासक नदी, पोखर, तालाब आदि में पहुंचकर डूबते सूर्य को अघ्र्य देने के बाद पूजा-अर्चना करते हैं। यहां पथरोटा स्थित नहर पर बिहारी कालोनी के पास हजारों की संख्या में उत्तर भारतीय समुदाय के लोग नहर के पानी में खड़े होकर भगवान भास्कर को अघ्र्य देंगे तथा दूसरे दिन सुबह पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को अघ्र्य देने के बाद व्रत का समापन करेंगे। कार्तिक शुक्ल चतुर्थी से प्रारंभ इस व्रत का समापन सप्तमी को होता है। इस दौरान उपासक लगातार 36 घंटे का उपवास करते हैं। इस दौरान पानी भी ग्रहण नहीं किया जाता है।
उत्तर भारतीय समाज के वरिष्ठ सदस्य अधिवक्ता रघुवंश पांडेय ने बताया कि पथरोटा नहर पर लगभग दो सौ परिवार छठ पूजन के लिए एकत्र होते हैं, यहां कल शाम को सूर्य को अघ्र्य देने के बाद रात भर पूजा चलेगी और 27 को सुबह उगते सूर्य को अघ्र्य देकर समापन होगा। उन्होंने बताया कि राजनीतिक, सामाजिक लोगों के अलावा गणमान्य नागरिकों को भी हमने छठ मेले में आमंत्रित किया है। नगर पालिका भी यहां मैदान का समतलीकरण के लिए मुरम डाली है साथ ही पेयजल के लिए टैंकर उपलब्ध कराया जाता है। कुछ परिवार आर्डनेंस फैक्ट्री में ही छठ पूजा करते हैं तो रेलवे कालोनी नयायार्ड के लोग मेहरागांव में यह कर लेते हैं। लेकिन बड़ा आयोजन पथरोटा नहर पर ही होता है।

 

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