कागजात संधारण प्रक्रिया में बदलाव की जरूरत बतायी

खसरा नकल के लिए मिलेगा प्रिंटेड आवेदन

खसरा नकल के लिए मिलेगा प्रिंटेड आवेदन
संभाग आयुक्त ने किया तहसील कार्यालय का निरीक्षण
इटारसी। अब तहसील में खसरे की नकल लेने आने वाला किसान घंटो अपनी बारी का इंतजार नहीं करेगा। आवेदन लिखने और जमा करने की प्रक्रिया से भी उसे मुक्ति मिल जाएगी। कमिश्रर ने आज यहां के निरीक्षण के वक्त अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रिंटेड आवेदन रखे जाएं जिससे समय की बचत हो सके।
कमिश्नर नर्मदापुरम संभाग ने आज दोपहर इटारसी आकर तहसील कार्यालय का निरीक्षण किया तथा वर्तमान में यहां चल रहे कामकाज में बदलाव की जरूरत बतायी। दोपहर में यहां पहुंचे कमिश्रर उमाकांत उमराव ने तहसील कार्यालय में निरीक्षण के बाद मीडिया से चर्चा में कहा कि समय के साथ कामकाज में बदलाव की जरूरत होती है. पहले हम मैनुअली काम करते थे, अब डिजीटिलाइजेशन का समय है। हमें प्रक्रिया बदलनी चाहिए यह हमने दौरे में महसूस किया है।
कमिश्नर ने कहा कि उच्च अधिकारियों के प्रभावी निरीक्षण होते रहने चाहिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महसूस किया कि अभिलेखों का संधारण ज्यादा बेहतर तरीके से करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने महसूस किया है कि खसरा नकल लेने आने वाला किसान परेशान होता है। इसके लिए एक प्रिंटेड आवेदन के लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है जिसमें केवल खसरा नंबर और गांव का नाम डालना पड़े। इससे दोनों तरफ का समय बचेगा. उन्होंने कहा कि अभिलेख संधारण की पुरानी प्रक्रिया में बदलाव की जरूरत है और उन्होंने यहां के अधिकारियों को इसके निर्देश भी दे दिए हैं।
संभाग आयुक्त ने कहा कि जैसे पुराने ज़माने में हम अपने वरिष्ठों के अनुभवों से कुछ न कुछ सीखते थे, आज भी वैसे ही माहौल की जरूरत है। उन्होंने यहां महसूस किया कि नए कर्मचारी बड़ी संख्या में आए हैं, लेकिन उनमें सीखने की ललक कम दिखती है। पुराने समय में किसी भी दफ्तर में पुराने कर्मचारियों से नए कर्मचारी अनुभवों का लाभ लेते थे, लेकिन यह परंपरा टूट रही है, जिसे चलाने की जरूरत है ताकि नए लोगों को ट्रेनिंग मिलती रहे।

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