किसानों और हम्मालों को धान का अब तक भुगतान नहीं, होगा आंदोलन

किसानों और हम्मालों को धान का अब तक भुगतान नहीं, होगा आंदोलन

इटारसी। समर्थन मूल्य पर धान की खरीद के बाद तीन दिनों के भीतर भुगतान की सरकार की योजना फ्लाप हो गयी है। खरीद करने वाली एजेंसी नाफेड से केवल आश्वासन मिल रहा है और हर बार दो दिन में भुगतान का आश्वासन भी पूरा नहीं किया जा रहा है। हालात यह हैं कि अब तो नाफेड के अधिकारियों ने फोन भी उठाना बंद कर दिया है।
समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू हुए एक माह से अधिक वक्त बीत गया है, लेकिन एक भी किसान और यहां तक एक भी हम्माल को एक रुपए का भी भुगतान नहीं किया है। इटारसी तहसील के धान खरीद केन्द्र रैसलपुर उपमंडी की जानकारी के अनुसार उनके यहां 117 किसानों के 13 ईपीओ आए थे जिन पर डिजीटल सिग्नेचर होने थे। ये सिग्नेचर होने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि सोमवार तक भुगतान हो जाएगा। लेकिन, बुधवार को भी किसानों के खातों में पैसा नहीं पहुंच सका है। डीएमओ कहते हैं कि ईपीओ साइन होने के बाद दो से तीन दिन लगता है। जितने भी ईपीओ साइन हो गये हैं, उन खातों में एक या दो दिन में राशि आ जाएगी। शेष के विषय में जानकारी नाफेड के अधिकारी ही दे सकेंगे।

अब तक की खरीदी हई
4 दिसंबर से हुई खरीदी के तहत रैसलपुर उपमंडी में अब तक 517 किसानों से समर्थन मूल्य की धान खरीदी 28,372 क्विंटल हो चुकी है। 20 जनवरी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अंतिम तिथि है। खरीद कर रही सेवा सहकारी समिति जमानी को एक हजार क्विंटल धान और आने की उम्मीद है। हालांकि धान विक्रय के लिए 852 किसानों ने पंजीयन कराया था।

भुगतान की ये है स्थिति
रैसलपुर उपमंडी में सेवा सहकारी समिति जमानी के पास 117 किसानों के 13 ईपीओ आए थे जो साइन कर दिये गये हैं। इनके तहत 1 करोड़, 9 लाख, 17 हजार, 776 रुपए का भुगतान होना है। लेकिन, अब तक एक भी रुपए इन 117 किसानों के खातों में नहीं पहुंचे हैं। सेवा सहकारी समिति को भी इसकी जानकारी नहीं है कि यह भुगतान कब तक किया जाएगा।

इतना भुगतान होना है
सेवा सहकारी समिति जमानी ने अब तक समर्थन मूल्य पर जो 28, 372 क्विंटल धान की खरीदी की है, उसके अनुसार 517 किसानों को लगभग 5 करोड़, 14 लाख 95 हजार रुपए का भुगतान होना है। नाफेड के अधिकारी हर बार एक-दो दिन में भुगतान का आश्वासन ही दे रहे हैं। इधर भुगतान नहीं होने से किसानों की नाराजगी बढ़ती जा रही है।

नई एजेंसी के कारण परेशानी
भुगतान में देरी का कारण बताया जा रहा है कि इस बार मार्कफेड की जगह नाफेड द्वारा खरीदी की जा रही है। नयी एजेंसी होने के कारण भुगतान में देरी हो रही है। शुरुआती दिन तो एजेंसी को खरीद प्रक्रिया समझने में ही निकल गये। जबकि नाफेड को सरकारी धान खरीदी के तीन दिन के भीतर किसानों के खाते में राशि का भुगतान करने के स्पष्ट निर्देश हैं।

सोमवार तक इंतजार, फिर आंदोलन
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के जिलाध्यक्ष हरपालसिंह सोलंकी का कहना है कि जिले में सर्मथन मूल्य पर धान को बेचने के एक माह से अधिक समय होने के बाद भी किसानों को एक रुपए भी भुगतान नहीं किया है। किसान भी परेशान हैं और हम्माल भी भुगतान नहीं होने से परेशान हैं। सोमवार तक भुगतान नहीं किया गया तो किसान आंदोलन करेंगे।

इनका कहना है…!
भुगतान क्यों नहीं हुआ, यह तो नाफेड के अधिकारी ही बता सकते हैं। मैं केवल इतना कह सकता हूं कि जितने ईपीओ साइन हो गये हैं, उन किसानों के खातों में दो से तीन दिन में राशि पहुंचने की उम्मीद है। शेष के विषय में नाफेड के अधिकारी ही स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।
प्रदीप गरेवाल, डीएमओ

117 किसानों के 13 ईपीओ साइन हो चुके हैं। भुगतान ईपीओ के माध्यम से नाफेड को ही करना है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही किसानों के खातों में राशि आने लगेगी। 20 तारीख तक समर्थन मूल्य पर खरीदी होगी।
खुमान सिंह भलावी, खरीद केन्द्र प्रभारी

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