खदान पर छापेमारी, 60 से ज्यादा डंपर दो पोकलेन पकड़े

होशंगाबाद। तड़के 4 बजे रेत माफियाओं में उस समय हड़कंप मच गया जब प्रशासनिक अमले के साथ ही खनिज विभाग और पुलिस विभाग ने जावली स्थित रेत खदान पर एक साथ दस्तक दी और अमले ने खदान से 60 से अधिक डंपर और दो पोकलेन मशीनों को जब्त किया।
जब्त किये गये सभी वाहनों को बाबई पुलिस की अभिरक्षा में थाने में खड़ा किया गया है। एसडीएम आरएस बघेल ने बताया कि सभी पकड़े गए वाहनों पर खनिज अधिनियम के तहत कार्यवाही की जायेगी संभव हुआ तो राजसात की कार्यवाही भी की जा सकती है।

रेत का कर रहे थे स्टॉक
मानसून सीजन पर नदियों से रेत पर रोक लगने के पहले ही रेत माफिय़ा एडवांस में रेत का स्टॉक कर रहे थे। जिसके लिये दिन रात नदियों से रेत निकालकर अवैध रूप से भंडारण किया जा रहा था। शनिवार को तड़के 4 बजे कलेक्टर के आदेश पर एसडीएम ने तहसीलदार एवं होमगार्ड के जवानों सहित खनिज विभाग व पुलिस की टीम बनाकर माफियाओं के ठिकाने पर बाबई स्थित जावली खदान पर दबिश दी, देखते ही देखते प्रशासनिक अमले और पुलिस ने दो पोकलेन सहित 60 से अधिक रेत के डंपरों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। इस हप्ते में खदानों पर दूसरी बड़ी कार्यवाही है। कार्यवाही देख पोकलेन और डंपर चालक वाहनों को खदान पर ही छोड़कर फरार हो गए। इन्हें दूसरे चालको की मदद से बाबई थाने में पुलिस की अभिरक्षा में खड़े करवाया गया एसडीएम ने बताया कि जब्त किये सभी डंपरों पर खनिज अधिनियम के तहत कार्यवाही की जायेगी संभव हुआ तो वाहनों पर राजसात की कार्यवाही हो सकती है।

तस्करी का गढ़ बन सुका है
नदियों में पानी कम होने पर रेत माफियाओं का धंधा फलने-फूलने लगा है। रेत तस्करी का गढ़ बन चुका होशंगाबाद। जिले में माफिय़ा तवा और नर्मदा को छलनी करने पर तुले है। सभी रेत माफियाओं का एक ही लक्ष्य है जितनी अधिक से अधिक हो सके रेत का खनन करना है चाहे इसके लिये उन्हें कोई सामदाम-दंडभेद अपनाना पड़े। होशंगाबाद ही नही जहा से भी तवा और नर्मदा बहती है उसके आसपास बड़े पैमाने पर रेत का गोरखधंधा फलफूल रहा है।

तेज गति से दौड़ते है रेत के डंपर
रात होते ही खदानों से रेत भरकर निकले डंपर अंधाधुंध रफ्तार में सड़कों पर दौड़ते नजर आते है। इन डंपर चालकों को न ही पुलिस का डर है और न ही प्रशासन का इनका तो एक ही लक्ष्य होता है मुकाम पर रेत पहुचाना और खदान वापस आना। असलियत में शहर में प्रशासन और पुलिस का भय इनमें देखने को नहीं मिलता है। असलियत में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी के पास जो अधिकार है वो मात्र दिखावे के है क्योंकि होता वही है जो राजनेता या बाहुबली चाहते है। तभी तो रेत से भरे डंपरों पर रोक नही लग पा रही रात में इनकी रफ्तार इतनी तेज हो जाती है कि सड़कों पर चलने वाले राहगीरों का भगवान ही मालिक होता है। बाबई रोड़ से जावली गांव को जोडऩे प्रधानमंत्री सड़क योजना का निर्माण किया गया है इस सड़क पर भारी वाहन नही चल सकते है मगर इसी सड़क से रेत भरे ओवरलोड़ डंपर रेत खदान तक आनाजाना करते है।

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