गौशाला : लोकार्पण करने आ सकते हैं सीएम, कलेक्टर ने किया निरीक्षण

इटारसी। मुख्यमंत्री कमलनाथ 25 दिसंबर को केसला ग्राम पंचायत के अहीरपुरा में नवनिर्मित गौशाला का लोकार्पण करने आ सकते हैं। सीएम के इस दौरे की तैयारियों के सिलसिले में शुक्रवार को कलेक्टर धनंजय सिंह भदौरिया ने केसला का दौरा किया और गौशाला तथा मुख्यमंत्री के हैलीपेड के लिए दो स्थलों को देखा। उनके साथ जिला पंचायत सीईओ आदित्य सिंह, पुलिस अधीक्षक एमएल छारी, एसडीएम हरेन्द्र नारायण और जनपद सीईओ वंदना कैथल भी थीं।
जिला पंचायत ने होशंगाबाद जिले में कांग्रेस सरकार का वादा पूरा करने पर अमल के तहत केसला ग्राम पंचायत के टोला अहीरपुरा में गौशाला का निर्माण मनरेगा के अंतर्गत कराया है। उम्मीद की जा रही है कि गौशाला बनने के बाद नगरीय क्षेत्रों की सड़कों को आवारा मवेशियों से मुक्ति मिल सकेगी। होशंगाबाद जिले में ऐसी 14 गौशालाएं बनेंगी। केसला में लोकार्पण से गौशालाओं की शुरुआत होगी। कलेक्टर ने गौशाला पहुंच मार्ग के लिए शीघ्र सड़क निर्माण कार्य करने के निर्देश दिये।


एक एकड़ में बनी है गौशाला
ग्राम पंचायत सरपंच दिनेश काजले और सचिव वीरनारायण ने बताया कि ताकू रोड पर बिजली आफिस के पीछे बनी यह गौशाला एक एकड़ में है और इसकी लागत करीब 27 लाख रुपए है। अभी लगभग पंद्रह लाख रुपए की लागत से यहां पांच एकड़ में चारागाह भी तैयार किया जाना है। अहीरपुरा में बनी यह गौशाला लगभग तीन माह में बनकर तैयार हुई है। 25 दिसंबर को मुख्यमंत्री इसका लोकार्पण करेंगे।

छह एकड़ में रहेगी गौशाला
शासन की योजना के अनुसार जिले में 15 गौशालाएं बनायी जाना हैं। इस पर करीब सवा चार करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। हर गौशाला छह एकड़ में विकसित होगी जिसमें 1 एकड़ में गौशाला और 5 एकड़ में चारागाह रहेगा। इनमें खास बात यह है कि गौशालाओं में बछड़ों के लिए अलग शेड बनाये जाना है। यहां पेयजल और बिजली के साथ ही चौकीदार की भी व्यवस्था रहेगी। यहां सौ गौवंश रखे जा सकते हैं।

आवारा मवेशियों से निजात मिलेगी
माना जा रहा है कि गौशालाएं निर्माण होने के बाद नगरीय क्षेत्रों में सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों से लोगों को निजात मिल सकेगी। वर्तमान में आवारा मवेशियों की समस्या से लोग परेशान हैं। नगरपालिका क्षेत्रों में गौशाला या कांजी हाउस नहीं होने से दिनों दिन समस्या बढ़ती जा रही है। सड़क पर मवेशी न सिर्फ स्वयं की जान जोखिम में डालते हैं, बल्कि मनुष्य के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं।

गौशाला योजना में ये रहेगा
मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार ने प्रदेश की जिम्मेदारी संभालने के साथ चुनावी घोषणा पर अमल शुरु कर दिया था। गौशाला योजना में गौवंशी के शेड, पानी की हौज, बछड़े के लिए शेड, चौकीदार कक्ष, भूसा गोदाम, ग्राउंड समतलीकरण, फैंसिंग व नागरिक सूचना फलक, कम्पोस्ट यूनिट/नाडेप, ट्यूबवेल, मोटर, छह हजार लीटर क्षमता की पानी की टंकी रहेगी। गौशाला निर्माण ग्राम पंचायत ने मनरेगा से किया है।

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