चेतावनी : फसलों का सर्वे और राहत नहीं मिली तो 10 को आंदोलन

इटारसी। भारतीय किसान संघ इटारसी द्वारा अतिवृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के शीघ्र सर्वे एवं राहत राशि की मांग को लेकर नारेबाजी करके तहसीलदार तृप्ति पटैरिया को ज्ञापन सौंपा। भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष श्रीराम दुबे ने बताया कि वर्तमान में अतिवृष्टि एवं जलभराव से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर चुका है। फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। शासन-प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सो रहा है। सर्वे के नाम पर किसानों को बेवकूफ बनाया जा रहा है। शीघ्रता से सर्वे कराकर राहत राशि प्रदान की जाए।
भारतीय किसान संघ के जिला उपाध्यक्ष मोरसिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश सरकार ने किसानों से वादा किया था कि 2 लाख रुपए तक का कर्ज माफ करेंगे। लेकिन अभी तक कर्ज माफ नहीं किया। गेहूं पर 160 रुपए बोनस तथा सोयाबीन एवं मक्का पर 500-500 रुपए का बोनस भी नहीं दिया है। शासन को शीघ्रता से कर्ज माफ करना चाहिए अन्यथा किसान सड़कों पर आकर धरना प्रदर्शन करेंगे। संघ के जिला प्रवक्ता रजत दुबे ने कहा कि प्रशासन को अनेक बार जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान से अवगत कराया। निरंतरफसलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे किसानों को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है। वनविभाग और प्रशासन का संयुक्त दल नुकसान हुई फसलों का सर्वे कराकर उचित राहत राशि प्रभावित किसानों को प्रदान करें तथा संपूर्ण मांगों को पूर्ण किया जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि 7 दिवस के भीतर कोई ठोस कार्यवाई नहीं की गयी तो 10 अक्टूबर को भारतीय किसान संघ तहसील परिसर में धरना एवं विरोध प्रदर्शन करेगा।
ज्ञापन सौंपते समय भारतीय किसान संघ के मंत्री लीलाधर राजपूत, सरदार यादव, वीरेन्द्र चौहान, सुभाष साध, श्यामकिशोर लौवंशी, शेख अहमद खान, सुनील चौहान,नरेन्द्र गौर, ललित दुबे, रंजीत चौरे, अनुज चौहान, डोरीलाल राजपूत, देवराज राजपूत, राममोहन यादव, राजा यादव, राजेन्द्र तोमर, जितेन्द्र यादव, अभिषेक दुबे, कमलेश यादव एवं अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

ये थी अन्य मांगें-
– सहकारिता से मिलने वाले रासायनिक खाद की लिमिट पूर्व से 10 लाख रुपए है जिसे बढ़ाकर कम से कम 20 लाख रुपए की जाए।
– बैंक से केसीसी लोन में 3 लाख रुपए पर 7 प्रतिशत ब्याज लगता है। इससे अधिक होने पर 14 प्रतिशत ब्याज लगाया जाता है अत: 5 लाख तक के लोन पर 7 प्रतिशत ब्याज ही लगाया जाए।
– रासायनिक खाद की गुणवत्ता की जांच रैक पाइंट पर ही की जाए। इसके उपरांत ही सहकारी समितियों को वितरित की जाए ।
-एहतियातन आगामी गेहूं फसल कटाई के पूर्व ही प्रत्येक थानों में दमकल की अग्रिम व्यवस्था की जाए ।
– बिछुआ नर्सरी से ग्राम बिछुआ तक रोड निर्माण एवं गुर्रा से सिलारी पहुंच सड़क का निर्माण किया जाए ।
– जमानी सब स्टेशन में अत्यधिक लोड होने की वजह से एक अतिरिक्त सब स्टेशन का निर्माण ग्राम तालपुरा में किया जाए ।
– लोक अदालत के माध्यम से खेतों के बंटवारे के कार्य किए गए थे। परंतु अभी तक पृथक की गयी जमीनों की बही नहीं बनायी है। शीघ्रता से बही बनायी जाए।

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