जलझूलनी एकादशी पर मंदिरों से निकले डोल

इटारसी। डोल ग्यारस पर सोमवार को श्री द्वारिकाधीश मंदिर सहित शहर के सभी धार्मिक संस्थानों से भगवान श्री बालकृष्ण की झांकी निकाली गयी। भगवान के डोल में हजारों भक्तों ने पावन दर्शन किये।
भादौ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर सोमवार को डोल ग्यारस का पर्व मनाया गया। श्री द्वारिकाधीश मंदिर परिसर में शाम साढ़े चार बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। यहां मंदिर समिति ने सुंदर डोल सजाया था जिसमें भगवान बालकृष्ण की पीतल से निर्मित मनमोहक प्रतिमा रखी गयी थी। सुंदर झांकी के साथ ही डोल में विराजमान श्री बालकृष्ण के मंदिर परिसर में ही सैंकड़ों महिलाओं ने दर्शन किये। इसके बाद डोल यात्रा प्रारंभ हुई जो जयस्तंभ चौक से पहली लाइन स्थित राम-जानकी छोटा मंदिर पहुंची। यहां पूजा-अर्चना के बाद लाइन क्षेत्र से इटारसी सरोवर के पूर्वी तट पर भगवान के डोल ले जाये गये। यहां पूजा-अर्चना के बाद वापस बड़े मंदिर में आकर यात्रा संपन्न हुई। डोल ग्यारस के संदर्भ में आचार्य हेमंत तिवारी ने बताया कि श्री बाल कृष्ण भादौ के कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर जन्मे थे और आज शुक्ल पक्ष की एकादशी पर उन्हें पहली बार डोल में बिठाकर नगर भ्रमण कराया था। बड़े मंदिर के साथ ही भरत मंदिर सूरजगंज, श्री विश्वकर्मा मंदिर मालवीयगंज, देवल मंदिर पुरानी इटारसी एवं श्री राधाकृष्ण मंदिर मेहरागांव और भीलाखेड़ी से भी डोल ग्यारस के अवसर पर भगवान की डोल यात्राएं निकाली गईं।

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