इटारसी। शिव मंदिर जीआरपी परिसर में 24 वें वर्ष में चल रहे श्री विष्णु महायज्ञ के छटवें दिन सवा लाख आहुतियां छोड़ी गई। यज्ञ भगवान को प्रसन्न करने के लिए वैदिक ब्राम्हणों ने मंत्रोचार किए मुख्य यजमान दामोदर राव कोहले एवं उनकी पुष्पा कोहले ने यज्ञ भगवान की परिक्रमा के पश्चात उसमें आहुतियां छोड़ी यज्ञाचार्य अशोक भार्गव, दीपक मिश्रा, राहुल गोस्वामी, अमित दुबे, रामकिशोर तिवारी ने श्री विष्णु महायज्ञ में पूर्ण सहयोग किया। श्री मिश्रा ने बताया कि 14 मार्च को श्री विष्णु महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी एवं इस दिन सांयकाल 6 बजे से भंडारा प्रारंभ होगा।
छटवें दिन यज्ञ मंडप से प्रवचन देते हुए आचार्य मनमोहन शास्त्री ने कहा कि जीवन में जहर पीना और पीलाना दोंनो ही मुश्किल कार्य है। वैसे ही सेवा का क्षेत्र भी बहुत की कठिन है। उन्होंने कहा कि आप समाज में कितने ही अच्छा कार्य करते रहे किंतु आपके बारे में जिसे जो कहना है वह कह कर ही रहेगा। चाहे उस बात में सच्चाई हो अथवा नहीं हो। उन्होंने कहा कि आप अपना कार्य करते समय यदि परनिंदा की चिंता करते रहे तो आपका जो कार्य है वह पीछे छूट जाएंगा। आचार्य शास्त्री ने कहा कि जनमानस यह जानता है कि सेवा के क्षेत्र में आप जिस कार्य को कर रहे है वह कठिन रास्तों से होकर गुजरता है। अत: शास्त्री ने कहा कि सेवा के क्षेत्र में कार्य करते समय अपमान और तिरस्कार मिलता है इससे बीचलीत होने की आवश्यकता नहीं है। अंत में आचार्य मनमोहन शास्त्री ने कहा कि यज्ञ पर्यावरण और आत्मसुधार के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस हेतु शहर हो या गांव यज्ञ होते रहना चाहिए।
जहर पीना और पिलाना दोनों ही मुश्किल : शास्त्री
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