जहां हैं वहां गए नहीं, जहां मर्जी थी वहीं गए

होटलों और रेस्टॉरेंट में नहीं मिले बाल मजदूर

होटलों और रेस्टॉरेंट में नहीं मिले बाल मजदूर
इटारसी। शहर में श्रम विभाग, बाल कल्याण विभाग, गुमाश्ता सहित अन्य विभाग के अधिकारियों का एक दल आज यहां बाल मजदूर तलाशने के साथ अन्य जांच करने पहुंचा लेकिन दिनभर रहे दल पर नज़र रखने वालों को यह अभियान केवल रस्म अदायगी ही लगा। श्रम निरीक्षक आरके पटेल ने बताया कि कहीं से भी ऐसा कुछ नहीं मिला है। जबकि पूड़ी लाइन में नाली निर्माण के दौरान उन्होंने एक युवती को काम करने से रोककर उसे बाल मजदूर बताकर मुस्कान संस्था भेजा है, जबकि युवती की बड़ी बहन उसकी उम्र 19 वर्ष बता रही थी। दोनों बहनें इस दल के सामने खूब गिड़गिड़ाई, काफी देर तक रोयी लेकिन किसी अधिकारी पर कोई असर नहीं हुआ। अधिकारी तो यहां तक अड़े थे कि वह ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर करें।
इधर मुस्कान बालिका गृह में लड़की ने सामाजिक कार्यकर्ता मनीष ठाकुर को बताया कि उसने चुनाव में मतदान भी किया है। लड़की अपनी बहन और बहनोई के साथ सारणी बैतूल के एक गांव से मजदूरी करने आयी है। उसके माता-पिता नहीं है और वह अपनी बहन के साथ ही रहती है। ऐसे में अधिकारियों के दल की यह कार्रवाई विवाद में पड़ती नज़र आ रही है।
जहां जाना था, गए नहीं
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अधिकारियों ने जो कार्रवाई की है, केवल रस्म अदायगी थी। शहर के बीचों बीच कई रेस्टॉरेंट में बाल मजदूर काम कर रहे हैं, लेकिन इस दल को कोई भी बाल मजदूर नहीं मिला। दल को जहां जाना ठीक लगा, वे वहीं गए जबकि कुछ लोगों ने पूड़ी लाइन में कार्रवाई के दौरान दल को कहा कि वे बताते हैं कि कहां बाल मजदूर हैं, दल में शामिल अधिकारियों ने यह कहकर उनकी बात को तबज्जो नहीं दी कि आपके अनुसार काम नहीं करेंगे। वे नामी रेस्टॉरेंट में गए, संचालक से कुछ बातचीत की और फिर निकल गए। इस तरह की कार्यवाही की चर्चा उनके जाने के बाद खूब चली कि केवल रस्म अदायगी करने आए थे अफसर। यह भी चर्चा रही कि संडे को जब आधा बाज़ार खुला रहता है, गुमाश्ता वाले कभी नहीं आते, आज कैसे आ गए?

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