जिला स्तर के शिविर में बैठे खंड स्तर के अधिकारी

इटारसी। केसला आदिवासी ब्लॉक के ग्राम पांडरी में आज शिविर तो जिला स्तर का लगा था, लेकिन उसमें अधिकारी सभी खंड स्तर के ही बैठे थे। यदि सहायक कलेक्टर को जिले का प्रतिनिधि मान भी लें तो केवल वे ही जिले से थे। हालांकि वे भी इन दिनों केसला जनपद में सीईओ की भूमिका में हैं। इस तरह से देखा जाए तो यह शिविर नाम के लिए ही जिला स्तर का था।
सहायक कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े, सीईओ एसएस पठारिया, तहसीलदार एनपी शर्मा, पीएचई से एके मेहतो के अलावा बीएमओ डॉ. सैनी, बीआरसी, कृषि विभाग, पीएचई, महिला एवं बाल विकास विभाग, खाद्य विभाग से अधिकारी पहुंचे थे। वन विभाग से रेंजर नहीं आए, डिप्टी रेंजर को भेजा जिनके पास पर्याप्त जानकारी ही नहीं थी। लोक निर्माण विभाग से कोई अफसर नहीं पहुंचा। सहायक कलेक्टर ने नाराजी जतायी और शो-कॉज नोटिस देने को कहा। शिविर में जनपद सदस्य अजय महालहा, सावित्री बिछोले, मनोज गुलबाके और सांसद प्रतिनिधि शैलेन्द्र दीक्षित भी उपस्थित थे।
जिला स्तरीय समस्या निवारण शिविर में 75 आवेदन आए। इन आवेदनों में पेयजल संकट के आवेदन भी थे। ठंड के दिनों में पेयजल संकट की समस्या सामने आने पर अधिकारियों को भी चिंता होने लगी है। सहायक कलेक्टर श्री बानखेड़े ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को इसके लिए निर्देश दिए हैं। हैंडपंप खनन की मांग के पांच आवेदन के अलावा बीपीएल कार्डधारी फूड कूपन नहीं मिलने की समस्या लेकर पहुंचे। किसी के पास सड़क नहीं होने की समस्या थी तो कोई मजदूर और जॉब कार्ड नहीं होने की समस्या लेकर पहुंचा था। एक महिला प्रसूति सहायता नहीं मिलने की समस्या लेकर पहुंची थी। इस पर बीएमओ ने कहा कि डिलेवरी इटारसी में हुई है। शिविर में ही महिला से सभी आवश्यक कागजात जमा कराए हैं और सोमवार तक भुगतान का आश्वासन मिला है। माहोला की यह महिला जब पहुंची तो आशा कार्यकर्ता के विषय में अफसरों ने पूछा। पता चला कि आशा कार्यकर्ता ही शिविर में नहीं पहुंची। सहायक कलेक्टर ने खासी नाराजी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।

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