जैविक बाजार में उत्पाद काफी पसंद किये गये

महावीर जैन स्कूल में 17 नवंबर को लगने वाले मेले में भी होंगे जैविक स्टॉल्स
इटारसी। ग्राम सेवा समिति निटाया और रोहना के तत्वावधान में रविवार को लगे जैविक उत्पाद बाजार में दीपावली पर्व से संबंधित जैविक नमकीन और मिठाई के अलावा बड़ी मात्रा में सब्जी और जैविक गुड़ लोगों ने पसंद किया। इस बार जैविक बाजार में खास बात यह रही है कि 17 नवंबर, रविवार को महावीर जैन स्कूल प्रबंधन ने उनके कैम्पस में लगने वाले बाल दिवस मेले में जैविक बाजार लगाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे समिति ने स्वीकार कर लिया है। आगामी माह 17 नवंबर को महावीर जैन स्कूल परिसर स्थित मेले में भी जैविक बाजार लगाया जाएगा, साथ ही एक संक्षित वर्कशाप में जैविक उत्पाद के फायदे बताये जाएंगे।
हरदा के मोहनीश बादर ने आटा, बेसन के अलावा गोबर से बने दीये, गुड़पट्टी, बेसन के लड्डू, सेव, नमकीन, दलिया लेकर आए थे तो सिवनी मालवा तहसील के रामकृष्ण रघुवंशी ने गमले में अमरूद के पेड़, सब्जी और मुनगा के पौधे, शहद लाये थे। रोहना के रूपसिंह राजपूत ने खड़ी मूंग, मूंग दाल, पनीर, लौकी, नीबू के साथ ही यहां जनक कृषि सेवा केन्द्र के उत्पाद, बैतूल के नमन सेवा समिति से माया आरसे, रोहना के पास से मैना बाई ने बड़ी, चिप्स और अमचूर सहित गाडरवारा से श्री मालवीय का गुड़, दातून बेहद पसंद किया गया। समिति के अध्यक्ष एनके चौधरी, कश्मीर सिंह उप्पल, सुरेश दीवान, संस्कार गौर, डॉ. सुनीता सिंह, राजेश सामले, अश्वनी चौधरी, निर्मल शुक्ला, लक्ष्मण सिंह, विनीत दीवान, मधुसूदन यादव, सहित अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। समिति के हेमंत दुबे ने बताया कि समिति का प्रयास है कि जिस मात्रा में हम जहरीली खेती से अनाज, सब्जियां, मसाले व अन्य चीजें खा रहे हैं, जाहिर है, हमारा सबसे अधिक पैसा बीमारियों पर खर्च हो रहा है। यदि हमें स्वस्थ रहना है तो फैमिली डाक्टर की जगह फैमिली किसान की तरफ जाना पड़ेगा। बीमार होकर जितना पैसा खर्च होता है, उससे कम में जैविक उत्पाद लेकर खुद को स्वस्थ रखा जा सकता है।

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