टिड्डी दल से बचाव हेतु सतर्कता बरतें : उप संचालक

टिड्डी दल से बचाव हेतु सतर्कता बरतें : उप संचालक

होशंगाबाद। उप संचालक कृषि जितेन्द्र सिंह ने जिले के किसानों से कहा है कि वे टिड्डी दल से बचाव हेतु अभी से सर्तकता बरतें। उन्होंने जानकारी दी है कि टिड्डी दल राजस्थान से होते हुए मध्यप्रदेश के नीमच, मंदसौर जिले से होते हुए देवास के खातेगांव, कन्नौद, सतवास में आगमन की सूचना प्राप्त हुई है। टिड्डी दल के जिले में भी प्रकोप की आशंका को दृष्टिगत रखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है। जिले के किसानों से अनुरोध किया है कि वे इस कीट की सतत निगरानी रखे। यह कीट सांयकाल 7 बजे से रात्रि 9 बजे के मध्य विश्राम के लिए कहीं भी बैठ सकते हैं। ऐसा पाये जाने पर इसकी जानकारी तत्काल स्थानीय प्रशासन को दें। यदि टिड्डी दल का प्रकोप हो गया है तो सभी किसान टोली बनाकर विभिन्न तरह की परंपरागत उपाय जैसे शोर मचाकर, अधिक ध्वनि वाले यंत्रों को बजाकर इन्हें भगाया जा सकता है। इसके लिए मांदल, ढोलक, ट्रैक्टर का सायलेंसर निकालकर आवाज की जा सकती है। साथ खाली टीन के डिब्बे, थाली आदि से भी सामूहिक प्रयास से ध्वनि की जा सकती है। ऐसा करने से टिड्डी नीचे नहीं आकर फसल वनस्पति पर न बैठते हुए आगे प्रस्थान कर जाते हैं। सांय के समय टिड्डी दल का प्रकोप हो तो सुबह 4 बजे से सूर्योदय तक कीटनाशी दवा ट्रेक्टर चलित स्प्रे पंप (पॉवर स्प्रेयर) द्वारा जैसे क्लोरपॉयरीफॉस 20 ईसी 1200 मिली या डेल्टामेथरिन 2.8 ईसी 600 मिली अथवा लेम्डासाईलोथिन 5 ईसी 400 मिली, डाईफ्लूबिनज्यूरॉन 25 डब्ल्यूटी 240 ग्राम प्रति हेक्टर 600 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। उप संचालक श्री सिंह ने किसानों को यह भी सलाह दी है कि टिड्डी दल के आक्रमण के समय यदि कीटनाशी दवा उपलब्ध न हो तो ऐसी स्थिति में ट्रेक्टर चलित पॉवर स्प्रे के द्वारा तेज पानी के बौछार से भी भगाया जा सकता है। उन्होंने बताया है कि इस हेतु जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, कंट्रोल रूम को संपर्क नंबर 07574-251003 है। इसके अलावा कृषि विभाग के समस्त मैदानी अमला को भी निगरानी कर सतर्क रहने के निर्देश दिये गये हैं ।

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