तरोंदा और जमानी रोड के बुरे हाल, फिसल रहे राहगीर

इटारसी। नयायार्ड मुक्तिधाम से मरोड़ा तक जाने वाले रोड के बुरे हाल हैं। एक वर्ष से भी अधिक समय से ग्रामीण इस रोड के पूर्ण होने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन, जिम्मेदार विभाग कभी बारिश तो कभी ठेकेदार को नोटिस देने जैसे बयान देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है।
मुक्तिधाम से ग्राम तरोंदा तक जाने वाले रोड की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। इस रोड की बदहाली के पीछे यहां से निकलने वाले भारी भरकम ऑयल टैंकर हैं जो इंडियन ऑयल के देहरी डिपो से भरकर इस रोड से डोलरिया तरफ जाते हैं। दरअसल, जमानी रोड अभी पूरी तरह से नहीं बना है और उस रोड के पूरा नहीं होने के कारण ही टैंकर चालकों ने इस रोड का इस्तेमाल शुरु किया था। इस ग्रामीण रोड की क्षमता इन टेंकरों के मान से कमजोर थी और हालात भी वही हो गये। यहां से निकलने वाले ग्रामीण परेशान हैं। हर रोज यहां से हजारों ग्रामीणों को इटारसी आना और जाना होता है। ग्राम भट्टी के हिमांशु पटेल का इस रोड के किनारे खेत है और हर रोज खेत पर जाने में कई प्रकार की दुश्वानियां झेलनी पड़ रही हैं।
यह रोड इटारसी से सीधे तरोंदा, पीपलढाना, जमानी, तीखड़, बाबईखुर्द, टांगना, टेमला और जंगलों में बसे कई गांवों से जुड़ा है। हालात ये हैं कि यहां जरा सी बारिश होने पर इतनी फिसलन हो रही है कि बाइक चलाना भी मुश्किल हो रहा है। यही हालात पुरानी इटारसी से धरमकुंडी मार्ग के हैं। पीपलढाना गांव के उमेश पटेल बच्चों की चिंता करते हुए कहते हैं कि यहां फिसलन इतनी है कि सभी ग्रामीण परेशान हैं, खासकर बच्चों की सबसे अधिक चिंता है, हर रोज कोई न कोई फिसलकर गिरता ही है। ग्रामीण संतोष मीना कहते हैं कि वे केसला ब्लाक में नौकरी करते हैं। रोज ही इस सड़क से आना-जाना होता है। कई बार गाड़ी फिसल चुकी है। बहुत संभलकर चलना पड़ता है। विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द रोड को पूर्ण कराना चाहिए। ऐसे ही विचार जयपाल के भी हैं।


उल्लेखनीय है कि नाला मोहल्ला से जुझारपुर, गोंची तरोंदा, तीखड़, जमानी, धाईं, सोंठिया सहित अन्य गांवों को जोडऩे वाले मुख्य मार्ग का लोनिवि ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत डामरीकरण कराया था। यह मार्ग ग्रामीणों की आवाजाही के हिसाब से बनाया गया है जिस पर भारी वाहनों का प्रवेश निषेध है। लेकिन जुझारपुर स्थित इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के डिपो में लोडिंग-अनलोडिंग के लिए आने वाले दर्जनों टैंकर कई सालों से इसी रास्ते का उपयोग कर आईओसी पहुंच रहे हैं। हजारों लीटर ऑयल से लोड भारी टैंकरों के वजन की वजह से सड़क की हालत आए दिन खराब हो रही है। भार की वजह से सड़क पर जगह-जगह गड्डे हो गए हैं। टैंकरों की वजह से इस मार्ग पर आए दिन सड़क हादसे भी हो रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के अफसरों का कहना है कई बार आईओसी को पत्र भेजकर इस मार्ग से टैंकरों का संचालन बंद करने की मांग की है लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। यह मार्ग ग्रामीण आवाजाही के लिए है। इसकी क्षमता इतनी अधिक नहीं है कि यहां से भारी टैंकर निकल सकें। इस लापरवाही की वजह से हमारी सड़क बार-बार खराब हो रही है।

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