तवा बांध के खुले गेट देखने एकसाथ पहुंचे हजारों सैलानी

हजारों लोगों को आधे रास्ते से ही वापस आना पड़ा
इटारसी।
तवा बांध के गेट रविवार को भी खुले रहे। ऊपरी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण शनिवार को सुबह बांध प्रबंधन ने गेट खोलकर पानी छोडऩा प्रारंभ किया था तो दूसरे दिन भी यही स्थिति रही। शनिवार को तवा के तेरह गेट खोले गये थे, लेकिन पानी का दबाव कम होने से गेट की संख्या रात में कम करके 11 कर दी थी। रविवार को दिनभर 11 गेट खोलकर पानी छोड़ा जाता रहा और शाम को पांच बजे गेट की संख्या पुन: 13 और ऊंचाई 7-7 फीट कर दी है। इन गेटों से 1 लाख 51 हजार 762 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
तवा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में बांध का लेबल 1163.8 0 फीट है। फिलहाल तवा बेसिन में दोपहर 3 बजे 0.3 एमएम वर्षा दर्ज की गई है और पचमढ़ी में 24.2 मिमी वर्षा हुई है। बांध के 13 गेट से 1,51762 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। बांध में सारणी के सतपुड़ा बांध से भी पानी आ रहा है। सारणी डेम के 7 गेट सुबह 8:10 बजे से लगातार खुले हैं जिनसे 24 हजार क्यूसेक पानी तवा में आ रहा है। बांध से पानी छोडऩे के अलावा एचईजी पावर हाउस को भी 4 हजार क्यूसेक पानी दिया जा रहा है।


हजारों सैलानी पहुंचे थे
रविवार का दिन होने से तवा बांध के गेट से गिरते पानी का मनोरम नजारा देखने के लिए हजारों की संख्या में जिलेभर से सैलानी तवानगर पहुंचे। करीब पांच हजार की आबादी वाले कस्बे में जब पचास हजार से अधिक लोग पहुंचे तो यहां की ट्रैफिक सहित अन्य व्यवस्थाएं पूरी तरह से गड़बड़ा गयी है। तवानगर रोड पर नेशनल हाईवे पर धन्यवाद तिराहे से जंगल में कई किलोमीटर हजारों वाहनों की कतार लगी है। जाम में फंसे लोगों को राहत दिलाने दोपहर से शाम तक कोई पुलिस बल नहीं था। लोग अपने-अपने स्तर से जाम से बाहन निकलने का प्रयास कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तवानगर में पुलिस थाने के पहले मेनन ढाबे के पास एक वाहन पाइप लाइन के लिए खोदे गये गड्ढे में फंस गया और इसके बाद वहां वाहन की कतार लग गयी। इसी तरह से बांध के पास लोगों के गाड़ी ले जाने की जिद ने भी नहर से बांध के बीच वाहनों को फंसा दिया।


गेट पास बूथ पर लापरवाही
तवा बांध के खुले गेट देखने के लिए जल संसाधन विभाग गेट पास की व्यवस्था करता है। तवानगर में प्रवेश से पूर्व ही एक भवन में गेट पास जारी किये जाते हैं। यहां कार्यरत कर्मचारियों की लापरवाही ने यहां जाम की स्थिति बना दी। दोपहर में जब लोग यहां गेट पास के लिए पहुंचे तो गेट पास बनाने वाले कर्मचारी नहीं थे। बताया जाता है कि वे लंच पर या किसी काम से गये हैं। बस यहां इंतजार में वाहन एक के पीछे एक लगते गये और लंबी लाइन लग गयी। किसी ने आगे निकलने का प्रयास किया तो लौटने वालों ने जल्दी लौटने का प्रयास। इस अफरा-तफरी में जाम की स्थिति बनती गयी। बांध की सुरक्षा के लिए कर्मियों को भी भीड़ का अंदाजा नहीं रहा और बिना रोकटोक लोगों को बांध के पास पहुंचाते गये। ऐसे में भी भीड़ बढ़ती गई और मुश्किलें पैदा होती रहीं।


धार नाले ने रोकी वाहनों की रफ्तार
भारी बारिश के चलते नेशनल हाईवे 69 पर केसला के आगे धार नाले के अलावा छोटे नदी-नाले उफान पर थे। पहाड़ी इलाके में बारिश से सुबह 11 बजे धार नाले से ऊपर पानी बहने लगा था। सूचना मिलने पर एहतियात के तौर पर केसला पुलिस ने इस साइड और भौंरा पुलिस ने दूसरी साइड से मोर्चा संभालकर दोनों तरफ पर ट्रैफिक रोका। दोपहर तीन बजे तक बारिश थमने के बाद पानी रपटे से उतरा। इस दौरान करीब पांच घंटे तक नाले के दोनों ओर हजारों की संख्या में वाहन खड़े रहे और किसी प्रकार की अनहोनी को रोकने के लिए बैतूल और होशंगाबाद जिले का पुलिस बल लगा रहा। पुलिस ने किसी को भी उफनते नाले के पुल से पार नहीं होने दिया।


जान जोखिम में डाल निकले लोग
पिछले करीब एक माह से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। बारिश से नदी-नाले उफान पर चल रहे हैं। बारह बंगला से नयायार्ड जाने वाले मार्ग पर स्थित रपटे पर जल्दी पानी आ जाता है। बावजूद इसके लोग इसी रास्ते का अधिक उपयोग करते हैं। रविवार को सुबह भी यही हालात रहे। जब पुलिया पर से पानी बह रहा था, लोग अपनी जान जोखिम में डालकर पुलिया पार कर रहे थे। हालांकि इस दौरान नाला मोहल्ला होकर नयायार्ड जाने वाले मार्ग पर पानी नहीं था। बावजूद इसके लोगों ने जोखिम उठाने से परहेज नहीं किया।


अभी बारिश का दौरा और चलेगा
मौसम विभाग के प्रभारी अधिकारी वीएस यादव के अनुसार एक कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर पश्चिमी ओडिशा और आसपास स्थित है उससे संबधित चक्रवाती हवाओं का घेरा समुद्र तल से 7.6 किमी ऊंचाई तक फैला हुआ है। मानसून द्रोणिका अब गंगानगर, अलवर, सागर, अंबिकापुर, उत्तर-पश्चिम ओडिशा और पड़ोस, बालासोर और पूर्व में कम दबाव के क्षेत्र का केंद्र- दक्षिणपूर्वी बंगाल से हो कर गुजर रही है। एक ताजा कम दबाव क्षेत्र बंगाल की खाड़ी और पड़ोस में 28 अगस्त के आसपास बनने की संभावना है। इन परिस्थिति में मध्यप्रदेश और होशंगाबाद में अगले पूरे हफ्ते अच्छी वर्षा होने की संभावना बनी हुई है।

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