ताप विद्युत गृह का उत्पादन 190 मेगावाट पर सिमटा

– ट्यूब लीकेज के कारण बंद हुई दस नंबर इकाई
– छह, सात और आठ नंबर इकाई नो डिमांड के कारण बंद
प्रमोद गुप्ता, सारणी
सतपुड़ा ताप विद्युत गृह की 250 मेगावाट की दस नंबर इकाई का ट्यूब लीकेज होने के कारण बंद हो गई है। 1330 मेगावाट के पावर प्लांट से 190 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जो अपनी क्षमता से 1140 मेगावाट कम है। 210 मेगावाट की आठ नंबर इकाई से ही बिजली का उत्पादन किया जा रहा है, जबकि दो सौ मेगावाट की छह नंबर और 210-210 मेगावाट की सात और आठ नंबर इकाई नो डिमांड के नाम पर बंद है। वर्तमान समय में प्रदेश में बिजली की खपत छह हजार मेगावाट की आवश्यकता है। एक के बाद एक इकाई के बंद होने और नो डिमांड होने की वजह से सारनी की इकाइयां बंद की गई हैं। छह अगस्त को मुख्यमंत्री का पाथाखेड़ा दौरा है। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए ताप विद्युत गृह के अधिकारी बंद इकाइओं को शुरू करने का काम करेंगे। बताया जाता है कि 250 मेगावाट की दस नंबर इकाई का ट्यूब लीकेज होने के बाद उसे शुरू होने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
चार माह से बंद है इकाईयां
सतपुड़ा ताप विद्युत गृह की चार बड़ी इकाईयां 31 मार्च से लगातार बंद है। इकाइयों के बंद रहने की वजह से लगभग ढाई हजार ठेका मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। सारनी के जैसे ही चचई, बिरसिंगपुर और खंडवा की स्थिति बनी हुई है। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह के अधिकारियों की मानें तो खंडवा की 210 मेगावाट की एक इकाई चालू है, जबकि बिरसिंगपुर की पांच इकाईओं में 210-210 मेगावाट की तीन इकाईयां संचालित हो रही है। खंडवा की 660-660 मेगावाट की तीनों इकाईयां बंद है। सारनी जैसी स्थिति चचई, बिरसिंगपुर और खंडवा में भी बनी हुई है। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में वर्तमान समय में एक लाख आठ हजार मीट्रिक टन कोयले का स्टाक बना हुआ है। दो और पांच दिनों के अंतराल में एक-एक रैक कोयले की सारनी आ रही है।

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