तीसरी बार आये कलेक्टर, व्यवस्था बदली, लेकिन सुधार बाकी है

इटारसी। कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने एक माह के भीतर तीसरी बार डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी के अलावा यहां के सभी वार्डों में जाकर एक माह पूर्व और अब की व्यवस्थाओं का तुलनात्मक निरीक्षण कर व्यवस्था को पहले से बेहतर पाया। कलेक्टर ने पत्रकारों को जवाब देने की अपेक्षा स्वयं पत्रकारों से बदलाव के विषय में सवाल कर दिये। बाद में उन्होंने कहा कि सुधार हुआ है लेकिन अभी सुधार की और गुंजाइश है।
कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय अस्पताल का निरीक्षण कर हरेक वार्ड में जाकर न सिर्फ व्यवस्थाओं का जायजा लिया बल्कि मरीजों से भी मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने मरीजों के बिस्तर देखे, सफाई व्यवस्था, मरीजों को मिल रही सुविधाओं की बारीकी से जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में चल रहे कामों को देखा और संतोष व्यक्त किया।

प्रायवेट अस्पताल से बेहतर होगा
कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने एसडीएम हरेन्द्र नारायण, सीएमएचओ डॉ. दिनेश कौशल, डीपीओ संजय त्रिपाठी और अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एके शिवानी के साथ निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। कलेक्टर ने अस्पताल के प्रायवेट वार्ड में बनाये गये एसी रूम की जानकारी ली और पूछा कि इसकी बुकिंग होती है या नहीं। बताया गया है कि नहीं, अभी तक किसी ने बुक नहीं कराया है। कलेक्टर ने हाल ही में इंस्टॉल की गई डिजीटल एक्स रे मशीन भी देखी और इसके चालू हो जाने पर प्रसन्नता भी व्यक्त की। कलेक्टर ने पुराने भवन के प्रथम तल पर तैयार किये जा रहे हॉल को देखा और कहा कि इसे प्रायवेट अस्पताल से भी बेहतर बनाया जाएगा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि एक माह पूर्व जो कहा था, उसे रेगुलर करेंगे। इसलिए लगातार दौरे किये जा रहे हैं। काम में प्रगति तो हुई है, लेकिन, अभी और भी गुंजाइश है।

गांवों में सुधारी जाएंगी व्यवस्थाएं
कलेक्टर यहां से ग्रामीण क्षेत्र के दौरे पर चले गये। उन्होंने बताया कि वे ग्रामीण क्षेत्र का लगातार दौरा कर रहे हैं और वहां की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को देखकर उसमें बदलाव के प्रयास कर रहे हैं। वहां अन्य विभागों की व्यवस्थाएं भी सुधारी जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह रेग्युलर विजिट है। हमारा उद्देश्य है कि लोग काम करें और व्यवस्था में सुधार करें। शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन की आवश्यकता है। शिक्षा का स्तर सुधरेगा तो जागरुकता आएगी और अच्छी शिक्षा होगी तो समाज जागरुकता होगा। उन्होंने बताया कि वे जिलेभर में जो दौरे कर रहे हैं, उसमें स्कूलों का निरीक्षण और वहां शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश के साथ शिक्षकों की उपस्थिति और शिक्षा में बच्चों के स्तर की भी परख कर रहे हैं और उसमें निरंतर सुधार के निर्देश भी दे रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार भी उद्देश्य है।

ब्लड बैंक में 1050 रुपए ही लेंगे
ब्लड बैंक के चार्जेस के विषय में पूछने पर उन्होंने कहा कि जो चार्जेस तय किये गये हैं, वही रहेंगे। गरीबों के लिए तो वैसे भी फ्री है, बाहर वालों से यदि 1050 रुपए लिए जाएंगे तो कोई हर्ज नहीं है। उन्होंने अस्पताल अधीक्षक डॉ. शिवानी से कहा कि वे 1050 रुपए ही लें। बता दें कि रोगी कल्याण समिति की कार्यकारिणी की बैठक एसडीएम हरेन्द्र नारायण की अध्यक्षता में हुई थी जिसमें तय किया गया था कि होशंगाबाद की ही तरह इटारसी में भी ब्लड बैंक के चार्जेस 1050 रुपए कर दिये जाएं। इसके बाद जब रोगी कल्याण समिति की सामान्य सभा की बैठक विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा की अध्यक्षता में पिछले दिनों आयोजित की थी तो फिर से इस निर्णय को बदलकर ब्लड बैंक के चार्जेस कम करके 8 सौ रुपए कर दिये थे। आज कलेक्टर ने अस्पताल अधीक्षक को कहा कि वे कार्यकारिणी के निर्णय अनुसार 1050 ही हैं।

सीएमओ नपा को दिये निर्देश
कलेक्टर के सरकारी अस्पताल के निरीक्षण के वक्त नगर पालिका के सभी प्रमुख अधिकारियों को यहां बुला लिया गया था। दरअसल, अस्पताल में सफाई और पेयजल की बुरी स्थिति है और नगर पालिका से इसमें सहयोग करने को कहा गया है। अस्पताल में सफाई कार्य का टेंडर नहीं हुआ है। ऐसे में नगर पालिका सीएमओ हरिओम वर्मा को कलेक्टर ने निर्देश दिय हैं कि वे अस्पताल परिसर की सफाई कराएं। इस मौके पर नगर पालिका के स्वास्थ्य अधिकारी एसके तिवारी और स्वच्छता निरीक्षक आरके तिवारी भी अस्पताल में ही मौजूद थे। इसके अलावा अस्पताल में पेयजल की स्थिति भी ठीक नहीं है। पानी की कमी के कारण मरीजों के परिजनों को भी यहां-वहां भटकना पड़ता है। कलेक्टर ने सीएमओ हरिओम वर्मा को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द अस्पताल में पेयजल की व्यवस्था भी करें।

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