इटारसी। कथित ब्राह्मण विरोधी टिप्पणी के विरोध में आज सर्व ब्राह्मण समाज ने योग गुरु बाबा रामदेव के खिलाफ राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम के मार्फत नायब तहसीलदार को सौंपा है। समाज के सदस्यों ने कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में बाबा रामदेव किसी योग शिविर में योग सिखाने के साथ आमजन को संबोधित कर रहे हैं और उसमें वर्ण व्यवस्था का विश्लेषण करते हुए संपूर्ण ब्राह्मण समाज के प्रति अपमानजनक, मन को पीड़ा देने वाली बातें कर रहे हैं।
सर्व ब्राह्मण समाज के जिलाध्यक्ष जितेन्द्र ओझा, अधिवक्ता अशोक शर्मा, संतोष शर्मा, नीलेश पाराशर, राजकुमार दुबे, आलोक दीक्षित, संजय शर्मा सहित अनेक लोगों ने नायब तहसीलदार एनपी शर्मा को ज्ञापन सौंपकर कहा है कि बाबा रामदेव के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, अन्यथा समाज कोर्ट में जाकर विधि सम्मत कार्रवाई की मांग करेगा। समाज का मानना है कि बाबा रामदेव की टिप्पणी अप्रासंगिक, औचित्यहीन और समाज में भेद पैदा करके बांटने वाली है। इस तरह का कथन न तो देशहित में और ना ही किसी जाति या धर्म के हित में है। बाबा रामदेव ने योग तथा अपने व्यापार से देश और समाज के एक अलग स्थान प्राप्त किया है और उनकी बातों को समाज गंभीरता से लेता है। इनके द्वारा इस तरह की ओछी टिप्पणी करना खेदजनक है, ब्राह्मण समाज इससे अपमानित महसूस कर रहा है। समाज ने ज्ञापन के माध्यम से कहा है कि बाबा रामदेव इस टिप्पणी के लिए क्षमा योजना नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध समाज में वर्गभेद फैलाने, जाति के आधार पर नागरिकों को बांटने और जाति विशेष को अपमानित करने के लिए कठोर कार्रवाई की जाए और यदि वे माफी नहीं मागते हैं तो हम जन आंदोलन और कानूनी कार्रवाइ्र के लिए न्यायालय में जाएंगे।
तो बाबा रामदेव के खिलाफ कोर्ट जाएगा ब्राह्मण समाज
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