दीपावली बाजार : इस वर्ष भी विवाद से शुरुआत,अंतत: झुका प्रशासन

इटारसी। दीपावली पर बिकने वाली कौन सी सामग्री कहां बिकेगी, इसका निर्धारण करने के लिए पर्व से महज तीन दिन पूर्व अधिकारी हरकत में आए, वह भी तब जब स्थान को लेकर विवाद शुरु हो गया। दो दिन लगातार विवाद के बाद आखिरकार प्रशासन को पटाखा विक्रेताओं और फुटकर व्यापारियों के आगे झुकना पड़ा। कुल जमा नतीजा यह निकला कि दीवाली की फुटकर सामग्री जयस्तंभ चौक से तुलसी चौक होते हुए कमला नेहरु पार्क, टैगोर स्कूल से तेरहवी लाइन तक बिकेंगी और पटाखा बाजार गांधी मैदान में ही लगेगा।
दीपावली बाजार के लिए विवाद हर वर्ष होता है और हर वर्ष यह बात की जाती है कि अगले वर्ष पहले से तैयारी की जाएगी। हालांकि होता कुछ नहीं है। अधिकारी बदल जाते हैं और फिर तीन दिन पहले ही सारी कवायद शुरु होती है। इस वर्ष की तस्वीर भी पिछले वर्षों से जुदा नहीं है, बल्कि अब तो दीवाली बाजार लगाने वालों और प्रशासन के बीच सीधा टकराव हो गया है। कुल जमा हालात यह रहे हैं कि प्रशासन एक बार फिर फेल ही दिखाई दिया।

दो दिन की कवायद का नतीजा
बीते दो दिन से दीपावली का बाजार कहां लगेगा, इसकी कवायद चल रही थी। जयस्तंभ चौक से आरएमएस आफिस, नीमवाड़ा, गुरुद्वारा भवन रोड और तुलसी चौक रोड पर अब तक लाई, बताशे, रूई, पोस्टर, लक्ष्मी जी की मूर्ति जैसी सामग्री अब तक बेची जाती थी। मेन बाजार को त्योहारी बाजार से मुक्त रखने के उद्देश्य से इन सामग्री को अब यहां नहीं बेचने देने की योजना प्रशासन ने तैयार की थी। लेकिन, आखिरकार प्रशासन की एक न चली और प्रशासन को झुकना पड़ा। इन क्षेत्रों के पक्की दुकानों में बैठे व्यापारी भी नहीं चाहते हैं कि ये फुटकर सामग्री यहां बैठे, क्योंकि उनकी ग्राहकी पर फर्क आता है। अत्यधिक भीड़ होने से उनकी दुकान के ग्राहक उन तक नहीं पहुंच पाते हैं। केवल उपरोक्त सामग्री के खरीदार ही बाजार में आते हैं। ऐसे में पक्की दुकानों पर ग्राहकी नहीं होती है। ऐसे में ये व्यापारी भी चाहते हैं कि त्योहारी बाजार के लिए कोई एक स्थान सुनिश्चित हो जाए, ताकि यहां भीड़ से निजात मिल सके।


सुबह से दोपहर तक ये चला
सुबह फुटकर सामग्री बेचने वालों ने जयस्तंभ के चारों तरफ की रोड पर चादर बिछाकर अपनी दुकानें लगाना प्रारंभ कर दीं तो पुलिस ने आकर उनको सख्ती से हटा दिया। आरआई बीएल सिंघावने दलबल के साथ पहुंचे तो व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि दीपक हरिनारायण अग्रवाल, कन्हैया गुरयानी और अन्य ने पहुंचकर जयस्तंभ से तुलसी चौक रोड पर दुकानें लगाने का विरोध किया और कहा कि इन्हें गांधी मैदान में भेजा जाए। विवाद बढ़ा तो सीएमओ हरिओम वर्मा भी मौके पर पहुंचे और निर्णय हुआ कि लाई, बताशे, चिरोंजी, दीये, रूई, पूजन सामग्री और लक्ष्मी जी की मूर्ति की दुकानें गांधी मैदान में लगायी जाएंगी और पटाखा बाजार पुरानी इटारसी के सूखा सरोवर मैदान में स्थानांतरित किया जाएगा। दिनभर की सारी कवायद पर शाम को उस वक्त पानी फिर गया जब अंतत: नतीजा यही निकला कि पिछले वर्ष जैसा था, बाजार वैसा ही लगेगा।

प्रशासन के निर्णय का विरोध
व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ प्रशासन के इस निर्णय का इन फुटकर दुकानदारों ने विरोध किया साथ ही पटाखा विक्रेता भी किसी कीमत पर सूखा सरोवर जाने को तैयार नहीं हुए। प्रशासन के फैसले से नाखुश पटाखा विक्रेता विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा के आफिस पहुंच गये थे। विधायक होशंगाबाद में थे। पटाखा विक्रेता संघ के अध्यक्ष संजय शर्मा ने उनसे टेलीफोन पर चर्चा की। जब विधायक इटारसी पहुंचे तो पटाखा विक्रेताओं ने अपनी बात उनके समक्ष रखी। इस बीच कांग्रेस नेता जसपाल सिंघ भाटिया और नगर कांग्रेस अध्यक्ष पंकज राठौर भी पहुंच गये। तय हुआ कि पुलिस थाने में चलकर एसडीएम हरेन्द्र नारायण और पुलिस अधिकारियों से चर्चा करके कोई हल निकाला जाए।


पुलिस थाने की बैठक बेनतीजा
पुलिस थाने में एसडीएम हरेन्द्र नारायण, टीआई राघवेन्द्र सिंह चौहान, सीएमओ हरिओम वर्मा, आरआई बीएल सिंघावने, कांग्रेस नेता पाली भाटिया, पंकज राठौर, राजकुमार उपाध्याय केलू, लखन बैस, भाजपा नेता और व्यापारी संघ के प्रतिनिधि दीपक हरिनारायण अग्रवाल, कन्हैया गुरयानी के बीच करीब चालीस मिनट चर्चा हुई। लेकिन, कोई नतीजा नहीं निकला तो सबने एकराय होकर शहर में पटाखा बाजार के लिए संभावित स्थानों को देखने का निर्णय लिया। सभी यहां से सबसे पहले पुराना बस स्टैंड, फिर शासकीय एमजीएम कालेज का मैदान देखने पहुंचे। दोनों ही जगह सुरक्षा की दृष्टि से उपयुक्त नहीं लगी तो एसडीएम ने कहाकि सूखा सरोवर का मैदान भी देख लिया जाए, यहां आकर स्थान तय कर दिया गया। इस निर्णय से पटाखा विक्रेता नाराज होकर यह कहकर चले गये कि इस वर्ष पटाखा की दुकानें ही नहीं लगायी जाएंगी।

इन स्थानों पर बाजार तय हुए
– पटाखा बाजार गांधी मैदान में लगेगा
– लाई, बताशे, दीये-बाती, लक्ष्मी मूर्ति, पोस्टर आदि फुटकर सामान जयस्तंभ से बड़ा मंदिर रोड होते हुए टैगोर स्कूल के पास से तेरहवी लाइन तक
– दीपावली पर घर सजाने केले के पत्ते, फूल और पत्तियां फे्रन्ड्स स्कूल मैदान में

इनका कहना है…!
बड़ा त्योहार है, इसमें प्रशासन ने जो व्यवस्था बनायी है, उसके लिए धन्यवाद। पाली भाटिया जी ने भी काफी सहयोग किया, उनका भी धन्यवाद। सालभर का त्योहार है, जिसका छोटे और बड़े सभी दुकानदार सालभर इंतजार करते हैं। सभी व्यवस्थाएं ठीक हो गयी हैं। मूर्ति वालों को स्थान के लिए कल प्रशासन से बात की जाएगी।
डॉ.सीतासरन शर्मा, विधायक

महात्मा गांधी मार्ग पर कोई दुकान नहीं लगने दी जाएगी। इसे आवागमन की दृष्टि से त्योहारी बाजार से मुक्त रखा जाएगा। सारी दुकानें जयस्तंभ से बड़ा मंदिर होते हुए तेरहवी लाइन तक लगेंगी। पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी।
राघवेन्द्र सिंह चौहान, टीआई

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