धर्मशास्त्रों और पंचांगों को लेकर किसी के बहकावे में न आएं

इटारसी। 135 सदस्यों वाली कर्मकांडी ब्राम्हण महासभा जो कि एकमात्र सनातन हिन्दू धर्म की संस्था है के नगर पुरोहित आचार्य पं. संदीप दुबे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हरतालिका तीज एवं गणेश चतुर्थी को लेकर किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है। विगत दिवस बहुत सोच समझकर कर्मकांडी महासभा की बैठक में शहर के प्रकाण्ड विद्वान शास्त्री पं. मधुकर व्यास, आचार्य पं. शरदचंद परसाई, ज्योतिषाचार्य पं. अशोक शर्मा, शास्त्री पं. विकास शर्मा, शास्त्री पं. बलराम तिवारी, शास्त्री पं. मनमोहन दुबे, पं. विनय भार्गव, शास्त्री पं. अशोक भार्गव, शास्त्री पं. कुंजबिहारी भार्गव एवं 135 कर्मकांडी ब्राम्हणों की उपस्थिति में हरतालिका तीज एवं गणेश चतुर्थी 2 सितंबर सोमवार को ही मनाने का निर्णय लिया गया है।
पं. संदीप दुबे ने कहा कि धर्म ग्रंथ निर्णय सिंधू, धर्म सिंधू, निर्णय सागर एवं काशी विश्वनाथ पंचांग जो हिन्दूओं को स्वीकार है उसी अनुसार निर्णय लिया गया है, द्वारिका एवं ज्योतिष पीठाधीश्वर जगत गुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने भी अपने शिष्यों की शंका का समाधान करते हुए 2 सितंबर को ही हरतालिका तीज एवं गणेश चतुर्थी मनाने को कहा है।
पं. संदीप दुबे ने कहा है कि हिन्दू सनातन महिलाएं किसी के भी बहकावे में न आए और जो शास्त्र एवं धर्मसम्मत है उसके अनुसार ही हरतालिका तीज एवं गणेश चतुर्थी 2 सितंबर को हर्षोल्लास के साथ मनाए। इसी दिन यह दोनों त्यौहार मनाने से महिलाएं सौभाग्यवती रहेगी, धन धान से परिपूर्ण रहेगी एवं परिवार में सुख शांति रहेगी।

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