नर्मदा के हर कंकर में शंकर समाहित है: आचार्य

नर्मदा के हर कंकर में शंकर समाहित है: आचार्य

इटारसी। पतित पावनी मां नर्मदा जिनके स्पर्श मात्र से ही पुण्य फल की प्राप्ति होती है ऐसी मां नर्मदा के पावन तट पर की जाने वाली भगवान शिव की पूजा का भी श्रेष्ठ फल प्राप्त होता है। चूंकि मां नर्मदा की जलधारा के पास हर कंकर में हर शिला में शंकर का निवास होता है। उक्त उद्गार इंदौर के युवा आचार्य ब्रजमोहन महाराज ने व्यक्त किए।
नाला मोहल्ला इटारसी में हरिजन छात्रावास के पास रघुवर रामायण मंडल द्वारा आयोजित श्रीनर्मदा महापुराण ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिवस में आचार्य ब्रजमोहन ने कहा कि मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक से लेकर निर्गम स्थल खंभात की खाड़ी गुजरात तक जितने भी तट हैं उन सभी तटों पर भगवान शिव के पूजा स्थल है और जहां तट नहीं है वहां भी नर्मदा की जलधारा के किनारे पड़े पत्थर भी पूज्यनीय होते हैं इसलिए ऋषि-मुनियों ने कहा है और धर्म शास्त्रों में भी लिखा है कि नर्मदा के हर कंकर में शंकर का वास है। इसके अलावा मां नर्मदा की सांसारिक महिमा के अन्य ज्ञानपूर्ण प्रसंग भी आचार्यश्री ने उपस्थित श्रोताओं को श्रवण कराए। इस अवसर पर मां नर्मदा की चलचित्र झांकी भी आयोजन समिति द्वारा सजाई गई। कथा के प्रारंभ में मु य यजमान गीता रघुवर गौर, ओपी नागा, कैलाश गौर, ठाकुर कालीचरण एवं कार्यक्रम संयोजक अनिल गौर ने आचार्य ब्रजमोहन एवं भक्ति मर्मज्ञ संगीतकार पुरुषोत्तम महाराज का स्वागत किया।

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