नर्मदा महोत्सव : अमरकंटक में 31 जनवरी से 2 फरवरी

नर्मदा महोत्सव : अमरकंटक में 31 जनवरी से 2 फरवरी

भोपाल। राज्य सरकार द्वारा नर्मदा जयंती के अवसर पर अमरकंटक की सुरम्य वादियों में 31 जनवरी से 2 फरवरी तक नर्मदा महोत्सव आयोजित किया जायेगा। महोत्सव के दौरान अमरकंटक में प्रतिदिन माँ नर्मदा तट ‘रामघाट’ पर 7 पुजारियों द्वारा एक साथ महाआरती की जाएगी। इस दौरान माँ नर्मदा के जीवन पर आधारित लाईट एण्ड साउण्ड शो आयोजित किया जाएगा। अमरकंटक शहर के विभिन्न स्थलों पर महाआरती का सीधा प्रसारण किया जाएगा। महोत्सव के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, कला एवं स्वास्थ्यवर्धक कोदो-चावल आदि कृषि उत्पादों का आमजनों के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा।
नर्मदा महोत्सव में प्रकृति प्रेमियों को क्षेत्र की प्राकृतिक सुन्दरता और भौतिक उच्चावत से परिचित कराने के लिये प्रतिदिन 4 रूट पर ट्रेकिंग गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इसी तरह, स्थानीय मैकल पार्क में इंदिरा गाँधी जनजातीय विश्वविद्यालय के योग शिक्षकों के द्वारा आमजनों के लिये योगाभ्यास शिविर आयोजित किये जाएंगे।

नर्मदा महोत्सव का पहला दिन
नर्मदा महोत्सव के पहले दिन सुबह 7 से 8 बजे तक मैकल पार्क में योगाभ्यास, 8 से 10 बजे तक शंभूधारा से पंचधारा से कपिलधारा और कबीर चम्बूतरा से धोनी पानी से सोनमुड़ा तक ट्रेकिंग की गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इसके बाद सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक नर्मदा मंदिर से माँ नर्मदा शोभा यात्रा निकाली जाएगी। महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन दोपहर 12 बजे सर्किट हाउस ग्राउण्ड पर होगा। उद्घाटन स्थल पर शाम 5 से 7 बजे तक बैगा आदिवासी जनजातीय समूह के स्थानीय लोक कलाकार गुदुम, सैला और कर्मा आदि लोक नृत्य की प्रस्तुति देंगे। शाम 7 से 7.30 बजे तक महाआरती के बाद स्थानीय लोक कलाकार पुन: स्थानीय लोककलाओं का मंचन करेंगे।

नर्मदा जयंती पर नारी शक्ति केन्द्रित कार्यक्रम
अमरकंटक नर्मदा महोत्सव-2020 में दूसरे दिन एक फरवरी को माँ नर्मदा जयंती के अवसर पर सभी कार्यक्रम नारी शक्ति पर केन्द्रित होंगे। इस दिन के कार्यक्रमों की थीम होगी ‘बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ’।

महोत्सव का तीसरा दिन
नर्मदा महोत्सव के तीसरे दिन 2 फरवरी को योगाभ्यास, ट्रेकिंग, माँ नर्मदा जयंती पूजन, कन्या भोज, स्थानीय लोक कला मंचन और महाआरती के बाद शाम 7.30 से रात 9.30 बजे तक सर्किट हाउस ग्राउण्ड पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। सांस्कृतिक संध्या में सुश्री मैथिली ठाकुर, अयावी और ऋषभ ठाकुर संगीतमयी प्रस्तुति देंगे। सुश्री मैथिली भोजपुरी, कजरी, छठ और अन्य प्रादेशिक लोक गीतों के साथ बालीवुड के गीतों की सुप्रसिद्ध गायिका हैं।

कैलाश खेर की प्रस्तुति से समापन
नर्मदा महोत्सव के चौथे और अंतिम दिन 2 फरवरी को शाम 7.30 से रात 9.30 बजे तक स्रप्रसिद्ध गायक श्री कैलाश खेर अपने बैण्ड ‘कैलासा’ के साथ भौतिक सीमाओं से परे आत्मीय आनंद की संगीतमय प्रस्तुति करेंगे। इस दिन भी सुबह से शाम 7.30 बजे तक संगीत प्रेमियों और पर्यटकों के लिये निर्धारित समय पर योगाभ्यास, ट्रेकिंग, 108 कुंड़ीय हवन, स्थानीय लोक कला का मंचन और महाआरती का आयोजन होगा। महोत्सव के समापन अवसर पर 9.30 से 10 बजे तक पुरस्कार वितरण समारोह होगा।

जनजातीय कला एवं संस्कृति का विधिवत प्रदर्शन
अमरकंटक नर्मदा महोत्सव-2020 के दौरान स्थानीय जनजातीय कला एवं संस्कृति का विधिवत प्रदर्शन किया जाएगा। जनजातीय कलाकारों को यहाँ की सांस्कृतिक विरासत को बड़े स्तर पर पहुँचाने के लिये प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भव्य मंच प्रदान किया जाएगा। महोत्सव में जनजातीय समूहों द्वारा निर्मित आभूषणों, बीजापुरी काष्ठा शिल्प आदि के स्टॉल लगाये जाएंगे।
महोत्सव में दोपहर 12 से 12.30 तक नर्मदा मंदिर में माँ नर्मदा जयंती पूजन होगा। दोपहर 12.30 से 3 बजे तक रामघाट पर 2100 कन्याओं के लिये सामूहिक कन्या भोज का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव के समापन अवसर पर क्षेत्र की समृद्धि, खुशहाली एवं दैवीय आशीर्वाद की प्राप्ति के लिये 108 कुंडीय हवन का आयोजन किया जाएंगा।

CATEGORIES
TAGS

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus (0 )
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: