नाबालिग को अगवा कर बेचने वाला गिरोह पकड़ा, लड़कियां भी मिलीं

नाबालिग को अगवा कर बेचने वाला गिरोह पकड़ा, लड़कियां भी मिलीं

इटारसी। सिटी पुलिस ने नाबालिग लड़कियों का अपहरण करके उन्हें बेचने वाले एक गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार करके अपहृत हुईं दो बच्चियों को भी बरामद करने में सफलता हासिल की है। इनमें से एक लड़की की गुमशुदगी इटारसी एवं दूसरी की केसला थाने में दजऱ् थी। पुलिस ने एक को ग्राम तिनोनिया थाना बरोठा जिला देवास से बरामद किया तथा दूसरी को ग्राम माजरकुई थाना रेहटी जिला सीहोर से बरामद किया है। आरोपियों ने लड़कियों को लालच देकर शादी करके बेचा था।
यहां एसडीओपी कार्यालय में मामले का खुलासा करते हुए एडिशनल एसपी शशांक गर्ग ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश अनुसार बचपन बचाओ जनहित याचिका अंतर्गत आपरेशन स्माईल के तहत यह संपूर्ण कार्रवाई इटारसी पुलिस ने की है। इसके तहत पूरे देश में सभी नाबालिग बच्चों की खोज के आदेश हैं। इसमें धारा 363 अंतर्गत दर्ज गुम बच्चों की तलाश की जा रही है। प्रेस वार्ता में अनुविभागीय अधिकारी अनिल शर्मा और टीआई भूपेन्द्र सिंह मौर्य भी मौजूद थे।
ऐसे चला अभियान
अभियान के अंतर्गत बच्चों की खोज के लिए एक टीम बनायी गई जिसने गुमशुदा बच्चों की डायरी का अवलोकन कर फरियादी पक्षों से उनके निवास पर जाकर बातचीत की और गुम होने के स्थान पर जाकर आसपास के लोगों से चर्चा की। इसी बीच एक मुखबिर ने सूचना दी कि वर्ष 2011 में एक नाबालिग ग्राम डोंगरवाड़ा के किसी व्यक्ति ने नर्मदा स्नान कराने हेतु ले गया था तथा वहां से कहीं बाहर ले गया। सूचना पर टीम प्रभारी एसआई अंजना भलावी ने टीआई भूपेन्द्र सिंह मौर्य को अवगत कराया। इसके बाद गुम इंसान क्रमांक 13/11 की सूचनाकर्ता लड़की की मां से चर्चा की तो गांव के शंकर कीर का नाम सामने आया जो इटारसी में जगदंबा मैरिज गार्डन में काम करता है। उसे थाने लाकर जब पूछताछ की गई तो कड़ी खुलती गई और कहानी सामने आती गई।
मामा निकला कंस जैसा कसाई
पुलिस ने जब शंकर कीर को थाने लाकर पूछताछ की तो उसने जो कहानी बतायी उससे पुलिस के लिए केस हल करने में मदद की। उसने बताया कि वह वर्ष 2011 में एक राजमिस्त्री के पास मजदूरी करता था और वहीं लड़की की मां से उसकी पहचान हुई। उस वक्त लड़की की उम्र 14 वर्ष की थी और पहचान होने के बाद वह शंकर को मामा कहने लगी। एक दिन मौका पाकर शंकर ने लड़की को उसकी मां को बिना बताए नर्मदा नहाने का कहकर ले गया। सेठानी घाट पर स्नान किया और वहीं योजनानुसार ग्राम कजलास का हरिओम कीर बाइक लेकर आ गया। दोनों ने लड़की को बेहोश करके हरिओम के रिश्तेदार देवीसिंह के यहां ग्राम बेगमखेड़ी थाना अवंतिपुर बड़ोदिया जिला शाजापुर ले गया जहां पर नाबालिग को तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा गया था।
दो बार बेची गई नाबालिग
आरोपी शंकर कीर और हरिओम कीर ने होशंगाबाद ने मोटर सायकिल पर नाबालिग को ले जाकर देवीसिंह कीर को चालीस हजार रुपए में बेचा फिर देवी सिंह ने ग्राम इकलेहरा मंदिर मेें ग्राम तिनोरिया थाना बरोठा जिला देवास के निवासी उदय सिंह ठाकुर को शादी करके बेच दिया। इस सौदे के बाद आरोपी शंकर और हरिओम को 20-20 हजार रुपए मिले। पुलिस ने संपूर्ण तफ्तीश के बाद आरोपी शंकर के बताए अनुसार हरिओम और नाबालिग के खरीदार उदय सिंह ठाकुर को उसके गांव से गिरफ्तार करके लड़की को बरामद कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले में आरोपियों को कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लेगी और उनसे पूछताछ करके यह पता करेगी कि आरोपियों ने केवल यही एक अपराध किया है या इससे पहले भी इस तरह के कोई अपराध किए हैं।
केसला थाने का मामला
पुलिस सिटी थाने के अपहरण मामले को सुलझा रही थी तो इसी दौरान उसे इसी मामले के एक आरोपी के पास से केसला थाना क्षेत्र से अगवा हुई नाबालिग की बरामदगी हो गई। सब डिवीजन के अंतर्गत थाना केसला में एक नाबालिग की गुमशुदगी 31 मार्च 17 की दर्ज थी। इसे भी हरिओम कीर के निवास ग्राम माजरकुई थाना रेहटी जिला सीहोर से आरोपी नर्मदा प्रसाद कीर के कब्जे से बरामद कर मय आरोपी नर्मदा प्रसाद कीर और नाबालिग को थाने लाकर पूछताछ की। दोनों लड़कियों ने अपने बयान में बताया कि आरोपियों ने उन्हें लालच देकर ले गए और वहां शादी करके बेच दिया। लड़कियों ने पुलिस को बताया कि वापस अपने घर आकर बहुत खुश हैं। आरोपियों पर धारा 363 के तहत कार्रवाई की गई है तथा एक आरोपी हरिओम की तलाश जारी है।
इस टीम ने किया खुलासा
मामले का खुलासा करने के लिए जिला पुलिस अधीक्षक आशुतोष प्रताप सिंह का निर्देशन रहा तथा एडिशनल एसपी शशांक गर्ग और एसडीओपी अनिल शर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी भूपेन्द्र सिंह मौर्य ने एक टीम का गठन किया था। टीम लीडर उपनिरीक्षक अंजना भलावी को बनाया गया। टीम में सहायक उपनिरीक्षक केएन रजक, महिला प्रधान आरक्षक रेखा मुनिया, आरक्षक गुलशेर खान को शामिल किया गया था। टीम ने इटारसी अनुभाग के थानों से गुमशुदा बच्चों की दर्ज प्रकरणों की डायरी का अवलोकन किया और फरियादी पक्षों से जानकारी लेकर मामले में संबंधित पक्षों के बयान लेकर जांच को आगे बढ़ाया और यह सफलता हासिल की। एडिशनल एसपी ने कहा कि दोनों मामले में दो-दो हजार का पुरस्कार घोषित था, अतिरिक्त ईनाम के लिए हम प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।

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