न बारदाने पहुंचे, न मजदूर हैं, कैसे होगी खरीद

न बारदाने पहुंचे, न मजदूर हैं, कैसे होगी खरीद

जिले के 22 केन्द्रों पर 1 अप्रैल से गेहूं खरीद के निर्देश
इटारसी। राज्य शासन ने प्रदेश के चार संभागों में १ अप्रैल से गेहूं खरीद के आदेश जारी कर दिये हैं। इन चार संभागों में नर्मदापुरम संभाग भी शामिल है। इसके अलावा इंदौर, उज्जैन और भोपाल में खरीद के निर्देश हैं। शासन के आदेश हो गये और केवल एक दिन का समय बीच में है, अधिकारी चिंता में हो गये कि आखिर इतनी जल्दी तैयारी कैसे होगी। बड़ी चिंता लेबर की है, जो बिहार और उत्तरप्रदेश से आते हैं और कोरोना वायरस के दौरान लॉकडाउन के कारण अपने-अपने घरों को लौट गये हैं। अब तौल, भरायी, टेग लगाने जैसे काम कौन करेगा?
राज्य शासन ने कई सावधानियों के साथ प्रदेश के चार संभागों में १ अप्रैल से गेहूं खरीद के आदेश दे दिये हैं। इन जिलों में खरीद की स्थिति का आकलन के बाद जिला उपार्जन समिति निर्धारित तारीख से अन्य केन्द्रों पर खरीद का निर्णय ले सकेंगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला द्वारा जारी आदेश में कहा है कि पूरे प्रदेश में गेहूं की आवक एक साथ न आने के कारण वर्तमान में बहुत सीमित उपार्जन केन्द्रों में सीमित किसानों से उपार्जन प्रारंभ किया जाए।

ये रखनी होगी सावधानी
– उपार्जन केन्द्र पर कोविद-१९ के फैलने से रोकने हेतु केवल वे ही किसान आयेंगे जिन्हें एसएमएस के माध्यम से बुलाया जाएगा
– उपार्जन केन्द्र निर्धारित समय एवं नियमित रूप से संचालित हो ताकि किसान की उपज तौल हेतु अधिक समय केन्द्र पर इंतजार न करना पड़े
– किसानों तथा केन्द्र पर कार्यरत कर्मचारियों के मध्य न्यूनतम ३ मीटर की दूरी बनाए रखने के लिए अवगत कराया जाये
– यथासंभव वृद्ध एवं बीमार किसानों को उपज बेचने केन्द्र पर आने से बचायें, ऐसे किसानों की उपज नामित व्यक्ति के माध्यम से खरीद करने की व्यवस्था बनायें, इसका प्रचार -प्रसार किया जाए। यदि ऐसे किसान आ जायें तो उनकी उपज की तौल प्राथमिकता से की जाए
– गुणवत्ता परीक्षण एवं कृषक तौल पर्ची एवं बिल जारी करने वाले कर्मचारियों, आपरेटर्स के पास एक समय में एक से अधिक किसान न हों, काउंटर के सामने तीन-तीन मीटर की दूरी पर चूने के गोले बनाये जाएं
– गुणवत्ता परीक्षक, नोडल अधिकारी, उपार्जन प्रभारी, आपरेटरkisan एवं हम्माल आवश्यक रूप से मास्क का उपयोग करें, हाथ सेनेटाइजर अथवा साबुन से समय-समय पर साफ करायें
– जिले के डीएमओ, डीएम, एमपीएससीएससी इसके लिए कलेक्टर के माध्यम से स्वास्थ विभाग से संपर्क कर वांछित संख्या में मास्क प्राप्त करें।

ये होगी खरीद में परेशानी
पहली अप्रैल से होशंगाबाद जिले के २२ केन्द्रों पर खरीद कार्य को अनुमति मिली है। लेकिन, सबसे बड़ी परेशानी यह आ रही है कि कई केन्द्रों पर बारदाने नहीं पहुंचे हैं। यदि १ अप्रैल तक सभी २२ केन्द्रों पर बारदान पहुंच भी गये तो अनाज की तुलाई, भरायी, सिलाई, टैग लगाने का काम कौन करेगा? क्योंकि लॉक डाउन के चलते बिहार और उप्र के मजदूर तो वापस अपने घरों को लौट गये हैं और जिले में मजदूर मिलना मुश्किल हो जायेगा। अधिकारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि परेशानी तो आने वाली है। लेकिन, हम तो शासन के नियमों से बंधे हैं। जो आदेश आये हैं, उसके अनुसार काम तो करना ही पड़ेगा। अभी भी १५ घंटे ड्यूटी कर रहे हैं, क्योंकि आफिसों में लॉक डाउन के कारण स्टाफ भी नहीं है।

इन केन्द्रों पर होगी खरीद
बनखेड़ी तहसील में सेवा सहकारी समिति बनखेड़ी, सेवा सहकारी समिति पलिया पिपरिया दो स्थानों पर सेवा सहकारी समिति माल्हनवाड़ा दो स्थानों पर, सेवा सहकारी समिति दहनवाड़ा दो स्थानों पर, इटारसी तहसील में सेवा सहकारी समिति रैसलपुर इटारसी, सेवा सहकारी समिति केसला, सेवा सहकारी समिति सुखतवा, सेवा सहकारी समिति इटारसी, सेवा सहकारी समिति सनखेड़ा, सिवनी मालवा में सेवा सहकारी समिति शिवपुर, सेवा सहकारी समिति पिपल्याकलॉ बनापुरा तीन स्थानों पर, सेवा सहकारी समिति बघवाड़ा धरमकुंडी, सेवा सहकारी समिति बघवाड़ा खुटवासा, सेवा सहकारी समिति चौतलाय, सेवा सहकारी समिति बानापुरा दो स्थानों पर और सेवा सहकारी समिति बाबई एक स्थान पर खरीद करेगी।

इनका कहना है …!
होशंगाबाद जिले में फिलहाल २२ समितियां खरीद कार्य करेंगी। ऐसे आदेश शासन की ओर से आए हैं। इनमें इटारसी, बनखेड़ी, बाबई, केसला और सिवनी मालवा की समितियां हैं।
जितेन्द्र सिंह, डीडीए होशंगाबाद

बारदानों की समस्या आयेगी। अभी कुछ केंद्र में बारदाने पहुंचे हैं। सबसे बड़ी समस्या हम्मालों और मजदूरों की है। शासन के जो आदेश हैं, उनका पालन तो करना ही होगा।
भूपेंद्र दुबे, प्रबंधक सोसायटी

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