पाठक मंच, इटारसी में साहित्यिक विमर्श का अभिनव आयोजन

पाठक मंच, इटारसी में साहित्यिक विमर्श का अभिनव आयोजन

इटारसी। एमजीएम कालेज के दृश्य-श्रव्य सभागार में हुई पाठक मंच की बैठक में दो कृतियों अलविदा अन्ना लेखिका सूर्यबाला द्वारा रचित एवं भूगोल राजा का : खगोल राजा का लेखक डा. देवेन्द्र दीपक द्वारा रचित पुस्तक पर चर्चा की गयी।
पुस्तक विमर्श में साजिद सिरोंजवी ने कहा कि अलविदा अन्ना कृति 11 भाग में संस्मरणों का संग्रह है। इसे स्मृतियों का गुल्लक कहना ज्यादा सटीक है। डॉ. केएस उप्पल ने बताया कि भूगोल राजा का : खगोल राजा का पुस्तक की कथा पौराणिक है, लेकिन राजनैतिक महत्वाकांक्षा से घायल समकालीनता भी कथा की बनावट में शामिल है। मदन बड़कुर तन्हाई ने कहा कि अलविदा अन्ना में हृदयस्पर्शी भाव का आधिक्य हैै।
तरूण तिवारी ने कहा कि अलविदा अन्ना की कथा अंत तक पाठकों को मंत्रमुग्ध करने में सफल हुई है। सतीष मेहरा ने बताया कि डॉ. देवेन्द्र दीपक का काव्य नाटक में आपातकाल की चर्चा एक छाया की तरह विद्यमान है। मनोज गुलबाके ने कहा कि डॉ. दीपक की कृति में कयाधु का अन्तद्र्वन्द्व मर्मस्पशी है। मुकेश चन्द्र मैना ने बताया कि डॉ. दीपक द्वारा रचित यह कथा अहिंसक हिंसा की कथा है। भगवानदास बेधड़क ने कहा कि लेखिका सूर्यबाला के विदेश प्रवास का क्रमवार विश्लेषण सम्मोहन में बांधे रखता है। विनोद दुबे ने कहा कि आधुनिक भारत के ज्वलंत मुद्धों को लेखिका ने प्रभावपूर्ण ढंग से व्यक्त किया है। विकास उपाध्याय ने कहा कि अलविदा अन्ना की कृति के पाठकों को ये कथा अंश बहुत कुछ सोचने पर मजबूर करते हैं। अनिरूद्ध कुमार शुक्ल ने कहा कि डॉ. देवेन्द्र दीपक की कृति एक ऐसी कृति है जो बरबस ही हमें हिरण्याकश्यप के साम्राज्य में गोते लगाने सरीखी अनुभूति कराती है।
डॉ. धीरेन्द्र शुक्ल ने कहा कि भूगोल राजा का : खगोल राजा का काव्य नाटक में आचार्य के चरित्र का अभय और तेज शैक्षिक जगत के लिए प्रेरक है साथ ही अलविदा अन्ना कृति में प्रत्येक संस्मरण अपने आप में स्वतन्त्र और विशिष्ट है। श्रीमती ममता वाजपेयी द्वारा अलविदा अन्ना पर लिखित समीक्षा लेख का वाचन मनोज बुधवानी ने किया। डॉ. देवेन्द्र दीपक द्वारा रचित काव्य नाटक भूगोल राजा का : खगोल राजा का नाटक के महत्वपूर्ण संवादों की छात्र-छात्राओं नीलम नाईक, शालिनी सैनी, अंजलि मेहतो, कंचन मेहरा, प्रियंका तोमर एवं यश नामदेव द्वारा नाट्य वाचन किया।
इस अवसर डॉ. पीके पगारे प्राचार्य, डॉ. मालविका गुहा, संगीता साहू, सृचा साहू एवं रोहित सिंह उपस्थित थे।

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