पानी नहीं मिलने से परेशान यात्रियों ने रोकी ट्रेन

रातभर से नहीं था ट्रेन में पानी, फूटा गुस्सा
इटारसी। हैद्राबाद से चलकर जयपुर जाने वाली ट्रेन के वॉशरूम में पानी नहीं होने से यात्रियों का गर्मी में कष्टदायी सफर करना पड़ा। दरअसल, वे अपने साथ लाए पीने के पानी का उपयोग वॉशरूम में करते रहे और पीने का पानी खत्म करके पेयजल को तरसते रहे। टीटीई को जानकारी दी तो फिर इटारसी आकर भी ट्रेन रवाना होने लगी तो उनको चेन पुलिंग का सहारा लेना पड़ा। आखिरकार यहां उनको पानी मिला तो ट्रेन रवाना हो सकी।
2720 हैद्राबाद-जयपुर एक्सप्रेस के एसी कोच के यात्रियों को अपनी रातभर का सफर स्वयं के पास के पानी के साथ गुजारना पड़ा। दरअसल, एसी कोच में पानी नहीं आ रहा था और वॉशरूम में भी अपने साथ लाया गया पीने का पानी ही उपयोग करना पड़ा। लगातार शिकायतों के बाद कभी भुसावल, कभी खंडवा में पानी मिलने का दिलासा मिलता रहा लेकिन इटारसी आते-आते यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया। जब यहां से भी बिना पानी के ट्रेन आगे बढऩे लगी तो अंतत: यात्रियों को यहां जंजीर खींचकर ट्रेन को आगे बढऩे से रोका गया। यहां से ट्रेन में पानी दिया गया फिर रवाना किया गया। इस कवायद में ट्रेन करीब 25 मिनट प्लेटफार्म क्रमांक एक पर खड़ी रही।
स्टेशन अधीक्षक एसके जैन के अनुसार ट्रेन भुसावल नहीं रुकती। अकोला के बाद सीधे इटारसी रुकती है। हमारे यहां से पानी भर दिया था। लेकिन, मैकेनिक अकेला होता है, उसने मोटर चालू करने में उसको देरी हो गयी, पानी एसी कोच में नहीं चढ़ पाया था तो यात्रियों ने ट्रेन रोक दी। बाद में मोटर चालू करके पानी चढ़ा दिया था। ट्रेन करीब बीस से पच्चीस मिनट यहां रुकी रही। एक यात्री के अनुसार जहां से चली थी ट्रेन, वहीं से नहीं था वॉशरूम में पानी। काफी परेशान रहे यहां आकर शिकायत की तो फिर यहां से पानी मिला है। एक अन्य यात्री अकबर अली के अनुसार रातभर यात्री परेशान रहे और अपने साथ पीने के लिए लाये पानी से ही काम चलाते रहे। हमने टीटीई से रिक्वेस्ट की तो यहां आकर ही हमें पानी मिला है।

बीस मिनट खड़ी रही ट्रेन
दरअसल, यात्रियों ने ट्रेन में ही टीटीई को पानी नहीं होने की सूचना दे दी थी। टीटीई ने भुसावल या खंडवा से पानी लेने का आश्वासन दिया था। यहां ट्रेन रुकती नहीं है। आखिरकार टीटीई ने इटारसी में सूचना की थी कि पानी नहीं है। बताया जाता है कि यहां भी ट्रेन में पानी भर दिया था, लेकिन मैकेनिक मोटर चालू नहीं कर पाया और ट्रेन के जाने का समय हो गया। जैसे ही ट्रेन यहां से रवाना हुई तो यात्रियों ने जंजीर खींचकर ट्रेन को रोक दिया था। रेलवे प्रबंधन का कहना है कि एक ही मैकेनिक है जिसे मोटर चालू करने में देरी हो गयी थी, इसलिए पानी नहीं चढ़ पाया। बाद में हमने मोटर चालू करायी फिर पानी कोच में आ गया था। इस सारी कवायद में ट्रेन करीब पच्चीस मिनट यहां खड़ी रही। दस मिनट का ट्रेन का स्टॉपेज है और शेष पंद्रह मिनट एसीपी होने के कारण खड़ी रही थी। इस तरह करीब पंद्रह मिनट देरी से ट्रेन रवाना हुई है।

ये बोले यात्री…!

रातभर से पानी नहीं था, जब से ट्रेन चली थी। हमने टीटीई को सूचित भी किया था। लेकिन रात भर समस्या का निदान नहीं हुआ। यहां इटारसी में आकर हमको पानी मिल सका है।
शरद सिंह, यात्री

वॉशरूम में पानी नहीं था। सुबह 4 बजे से हम साथ लाये पीने के पानी का उपयोग करते रहे। टीटीई को जानकारी दी तो उन्होंने अलगी स्टेशन का भरोसा दिया। लेकिन हमें इटारसी आकर ही पानी मिला है।
अकबर अली, यात्री

इनका कहना है…!
सूचना मिली थी कि ट्रेन में पानी नहीं है। यहां पानी भरवाया था, लेकिन एक ही मैकेनिक होने से वह मोटर चालू करने में लेट हो गया तो पानी चढ़ नहीं पाया। बाद में मोटर चालू करके पानी चढ़ाया और ट्रेन रवाना की। इस कवायद में ट्रेन करीब पच्चीस मिनट यहां खड़ी रही।
एसके जैन, स्टेशन अधीक्षक

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