पारंपरिक रूप से मनी हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya)

पारंपरिक रूप से मनी हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya)

इटारसी। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सोमवार को हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) पर कोई सामूहिक कार्यक्रम नहीं हुए, अलबत्ता लोगों ने छोटे स्तर पर पौधरोपण (Plantation) जैसे कार्यक्रम किये हैं। इसके अलावा मांझी समुदाय के मछुआरों ने हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya)पर घरों में जाकर बच्चें, महिलाओं पर जाल डालकर परिवार में आने वाली बलाओं से बचाने की कामना की है।
हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya)पर पूर्व सालों से चली आ रही परंपरा आज भी जारी रही। ग्रामीण क्षेत्रों में लोहार, बढ़ई और मछुआरों ने गांवों के सभी घरों में जाकर परंपरा का निर्वाह किया। लौहार ने दरवाजे पर कील ठोंकी, बढ़ई ने लकड़ी संबंधी कार्य किए। सुनार ने चांदी की कील को ठोंकी। इसी तरह मझुआरे ने अपना जाल लेकर घर के लोगों विशेष कर छोटे बच्चों और महिलाओं पर जाल डाल कर घर परिवार में आने वाली बलाओं को टालने की कामना की।
हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) पर सुख समृद्धि के लिए मछुआरों ने जाल डाला। मांझी मछुआ कल्याण समिति के अध्यक्ष मोहन रैकवार ने बताया कि मछुआरों का त्योहार हरी जिरोती (हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) के शुभ अवसर पर वर्षों पुरानी पंरपराओं के अनुसार मांझी मछुआ कल्याण समिति के मछुआरा सदस्यों ने परिवार के सदस्यों के सिर पर मछली का जाल डालकर सुख समृद्धि और लंबी आयु की भगवान से प्रार्थना की।
इस दिन किसानों द्वारा सुबह से खेती-किसानी में काम करने के लिए जाने वाली बैल जोड़ी को नहला धुलाकर आखर वाले खिलिया मुठिया देव के पास ले जाया जाता है। जहां पर पूजा अर्चना करने के बाद गेहूं, रवा से बनाए गए लड्डू पकवान खिलाएंगे।
कहीं-कहीं मान्यता है कि हरियाली अमावस्या(Hariyali Amavasya) के दिन खेतों में हल नहीं चलाते, पेड़ को भी नहीं काटते हैं। यानी पृथ्वी पर जितने भी जीव जंतु हैं उनको कष्ट नहीं दिए जाने की परंपरा है। सुबह से लेकर शाम तक विश्वकर्मा समाज के सदस्य घर-घर में जाकर दरवाजे, पलंग में लोहे के कील ठोकी जाती है। वहीं सुनार समाज के लोग दरवाजे, संदूक, दीवान में बेगड़ की रंगबिरंगी जीवती लगाते हैं। मछुआरा समाज मछली पकडऩे वाला जाल लोगों के सिर पर रखकर लोगों के सुखमय जीवन की कामना करते हैं। रात में घर-घर पकवान बनाकर बैल जोड़ी को भोग लगाते हैं।


सौ पौधे लगाने का अभियान
ग्राम जमानी के कृषक हेमंत दुबे (Hemant Dubey) ने आज हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) के मौके से मिशन 365 (Mission 365) अभियान की शुरुआत की है। उन्होंने अपने पुत्र के साथ हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) पर सौ पौधे (Plant) लगाए। श्री दुबे ने बताया कि प्रकृति के साथ जीने और उसकी देखभाल की मंशा बचपन से रही है और लगातार वे इस दिशा में काम करते चले आ रहे हैं। हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) पर भी पौधरोपण (Plantation) किया है। प्रसन्नता इस बात की है कि उनकी अगली पीढ़ी भी पूरे मनोयोग से इस मिशन में उनके साथ है।

स्कूल में पौधरोपण (Plantation) किया
जीनियस प्लानेट एजुकेशन सोसाइटी के सदस्यों ने हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) के अवसर पर प्रतिवर्षानुसार जीनियस प्लानेट सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रांगण में पौधरोपण (Plantation) किया। इस अवसर पर समिति के सुनील सचान, जाफऱ सिद्दीकी, मनीता सिद्दीकी, सर्वजीत सिंह सैनी, जाकिर सिद्दीकी, स्वरूप सिंह, स्कूल प्राचार्य विशाल शुक्ला, नीरज चौरे, रविन्द्र चौरे ने आम, अमरूद, अनार, मुनगा एवं अशोक के पौधे लगाए। समिति सचिव जाफऱ सिद्दीकी ने बताया कि सभी पौधों को प्रतिमाह जांचा जाएगा कि वह सही ग्रोथ कर रहे हैं या नहीं। उन्होंने बताया कि उनमें जैविक खाद का ही उपयोग किया जाएगा।


समाजसेवी की स्मृति में पौधे रोपे
वार्ड 23 में वाल्मीकि समाज के पूर्व समाज सेवी मूलचंद मैना की स्मृति में पौधरोपण (Plantation) किया। महादलित परिसंघ के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश चंद्र मैना के निवास पर मुख्य अथिति के रूप में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नर्मदापुरम विभाग प्रचारक सुरेंद्र सोलंकी एवं जिला प्रचारक मनोज राय उपस्थित थे। वार्ड विकास समिति के अध्यक्ष राजकुमार दुबे, अनूप तिवारी, संतोष शर्मा, उर्मिला मैना, राधा मैना, विजय jiniusलक्ष्मी मैना, शुभम मछंदर, किरण मीनारे, बृजेश कटारे, संजय मैना आदि थे। इस अवसर पर मूलचंद मैना के चित्र पर अतिथियों ने माल्यार्पण एवं पूजन किया। संघ के विभाग प्रचारक सुरेंद्र सोलंकी कहा कि हमें पौधोपण हमेशा करते रहना चाहिए और रक्तदान भी करना चाहिए। समाज को शिक्षित के साथ जागरूक भी होना चाहिए। इस अवसर पर उर्मिला मैना ने अतिथियों का सम्मान किया और संकल्प लिया कि यह पौधरोपण हमेशा होता रहेगा।


औषधीय और फूलदार पौधे रोपे
हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) के अवसर पर आज सोमवार को अनेक स्थान पर पौधरोपण (Plantation) कार्यक्रम हुए। इस अवसर पर नवनीत दुर्गा समिति पोटरखोली (Navneet Durga Samiti Pottarkholi) के सदस्यों ने भी पोर्टरखोली स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में पौधे रोपण (Plantation) किया। समिति के सदस्यों ने यहां नीम, पीपल और कुछ फूलदार पौधे रोपे।


नर्मदा तट पर किया पौधरोपण (Plantation)

हरियाली अमावस्या (Hariyale Amavasya) के अवसर पर मां नर्मदा के पावन तट पर हासलपुर घाट पर स्नान के बाद हर वर्ष की तरह केसरिया हिन्दू वाहिनी ने नर्मदा स्नान के बाद पौध किया। सरपंच कन्हैयालाल वर्मा ने बताया कि यह कार्य हर वर्ष किया जाता है। इस वर्ष भी प्रकृति की सेवा के उद्देश्य से पावन नर्मदा के तट पर पौधरोपण (Plantation) कार्य किया गया है।

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