पॉलिथिन ज़हर है, इसका इस्तेमाल न करें

ढाई सौ बच्चों ने सिखाया पर्यावरण और स्वच्छता का पाठ
इटारसी। पॉलिथिन ज़हर है, इसका इस्तेमाल न करें। दुकानदार भी पॉलिथिन की जगह कपड़े या कागज की थैली का इस्तेमाल करें। यह सीख गुरुवार को सुबह जयस्तंभ चौक पर सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल के बच्चों ने आमजन और व्यापारियों को दी। स्कूल प्रबंधन ने आमजन को पर्यावरण और सफाई रखने के लिए जागरुक करने यह कार्यक्रम आयोजित किया था।
सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल के लगभग ढाई सौ बच्चों ने गुरुवार की सुबह शहर को स्वच्छता, बेहतर पर्यावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। बच्चों ने शहर के लोगों को अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने, पॉलिथिन का इस्तेमाल नहीं करने, अपने आसपास का वातावरण साफ रखने, पानी बचाने जैसे कई संदेश दिये। बच्चों का उत्साहवर्धन करने नगर पालिका की ओर से सीएमओ हरिओम वर्मा, वार्ड के पार्षद यज्ञदत्त गौर, स्वच्छता विभाग से कमलकांत बडग़ोती, जगदीश पटेल, सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल की प्राचार्य सिस्टर संध्या सहित स्टाफ मौजूद था। बच्चों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आमजन को संदेश दिया कि पॉलिथिन जहर है जो आपके स्वास्थ्य पर विपरीत असर डालता है। बाजार में दुकानों से पॉलिथिन में सामान हर्गिज न लें, बल्कि बाजार जाएं तो अपने साथ झोला अवश्य लेकर जाएं। जयस्तंभ पर नुक्कड़ नाटक के बाद बच्चों ने जयस्तंभ से तुलसी चौक रोड पर स्थित दुकानों पर जाकर अपने हाथों से दुकानदारों को कागज की थैलियां भेंट कर उनसे कागज की थैलियां इस्तेमाल करने का अनुरोध किया। इस दौरान सीएमओ श्री वर्मा, पार्षद श्री गौर और स्कूल की प्राचार्य भी मौजूद रहीं।
सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल की ये बच्चियां कागज और अन्य चीजों से अपने हाथों से बनायी थैलियां भी साथ लायीं थी जो उन्होंने सीएमओ, पार्षद व अन्य लोगों को भेंट की। इस अवसर पर सीएमओ हरिओम वर्मा ने कहा कि स्कूल का यह कार्य अत्यंत ही सराहनीय है। बच्चों में इस तरह के संस्कार डालने से निश्चित तौर पर पर्यावरण सुधार की दिशा में वे आगे बढ़ेंगे और प्रकृति की रक्षा करने में अपना योगदान देंगे। उन्होंने आमजन से भी अनुरोध किया है कि पॉलिथिन के बेजा इस्तेमाल, पानी की बर्बादी और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से न सिर्फ पर्यावरण बिगड़ रहा है बल्कि प्रकृति का चक्र भी प्रभावित हो रहा है। बारिश में कमी और धरती के जलस्तर में गिरावट भी इसी का नतीजा है। इससे बचने के लिए हमें अपनी आदतों में सुधार लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हम अन्य स्कूलों से भी अनुरोध करेंगे कि इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करें। पार्षद यज्ञदत्त गौर ने कहा कि कॉन्वेंट स्कूल प्रबंधन के इस तरह के कार्य प्रेरणा देते हैं और हमें अपने कर्तव्यों को पूरा करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने स्कूल प्रबंधन के प्रति इस तरह के कार्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

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