प्रशासन ने निभाई पीओपी प्रतिमाएं जब्त करने की रस्म

इटारसी। पिछले एक सप्ताह से प्लास्टर ऑफ पेरिस की गणेश प्रतिमाओं पर प्रतिबंध की मांग के बावजूद नगर पालिका प्रशासन ने इसे हल्के में लिया और महज एक दिन में सैंकड़ों पीओपी की प्रतिमाएं बिक गईं। दोपहर में जब राजस्व विभाग का अमला बाजार में पहुंचा था तो एक सैंकड़ा से अधिक पीओपी प्रतिमाएं स्टाल से हटाकर दुकानदारों के पास ही नीचे रखवाईं थीं। लेकिन नगर पालिका की टीम ने दोपहर बाद जांच की तो महज दो से दो दर्जन प्रतिमाएं ही जब्त कर पाए।
शहर के विभिन्न संगठन, प्रजापति समाज और कुछ राजनीतिक दिग्गजों ने प्रशासन से पीओपी की प्रतिमाएं नहीं बेची जाएं, इसकी व्यवस्था करने और सख्ती के लिए निवेदन किया था। लेकिन, किसी भी अधिकारी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और बड़ी संख्या में ये प्रतिमाएं बाजार से बिक गयीं। नगर पालिका और राजस्व प्रशासन ने महज औपचारिकताएं ही निभाईं। इसमें नगर पालिका के अमले की बड़ी लापरवाही सामने आयी है।
दरअसल, दोपहर में जब नायब तहसीलदार रितु भार्गव के नेतृत्व में राजस्व विभाग से आरआई और पटवारी बाजार में पहुंचे थे नगर पालिका का अमला और वाहन नहीं होने से जब्त की कार्रवाई नहीं की जा सकी थी। इन अधिकारियों ने इस दौरान करीब एक सैंकड़ा पीओपी की मूर्तियों को स्टॉल से उठवाकर दुकान के नीचे ही रखवा दी थीं। लेकिन, इनके जाने के बाद दुकानदारों ने नीचे रखी प्रतिमाओं को ही बेच दिया। जब दोपहर बाद नगर पालिका का अमला पहुंचा तो महज दो से तीन दर्जन प्रतिमाएं ही हाथ लग सकीं। दोपहर बाद नगर पालिका के राजस्व निरीक्षक भरतलाल सिंघावने के नेतृत्व में अमला पहुंचा और दुकानों की जांच की तो लगभग दो दर्जन प्रतिमाएं ही उनको मिलीं जिन्हें जब्त किया। आरआई सिंघावने ने कहा कि प्रतिमाओं को जब्त कर नगर पालिका कार्यालय ले जा रहे हैं, वहां पूजन आदि के बाद विसर्जन कर दिया जाएगा।

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