प्रशिक्षण : बच्चों ने सीखा, आगजनी से कैसे बचकर निकलें

इटारसी। दूसरों के हिस्से की तपन को झेलते हुए आमजन की सुरक्षा के लिए अग्निशमन कर्मी कैसे जोखिम उठाते हैं और आग से बचाव करते हैं, इस बात का प्रशिक्षण शुक्रवार को श्री महावीर जैन हायर सैंकंड्री स्कूल के बच्चों और स्टाफ ने लिया। स्कूल के बच्चों ने देखा कि जलते मंजर या फिर धधकती जिंदगी को बचाने की कवायद कितनी जटिल और जोखिम भरी होती है।
दरअसल, स्कूल प्रबंधन ने अपने बच्चों को आगजनी की घटनाओं से बचाव के प्रति प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित कर हिन्दुस्तान पेट्रोलियम मुंबई के उपमहाप्रबंधक राजेश पांडेय और उनकी टीम को आमंत्रित किया था। बच्चों को श्री पांडेय ने बताया कि तेज उठती लपटें और उनके बीच किसी के उजड़ते आशियाने को बचाने के लिए अग्निशमन कर्मी कैसे हर दिन आग से खेलने का काम करते हैं। इस काम को अंजाम देते हुए उन्हें अपनी जान की भी फिक्र भी नहीं होती। श्री पांडे ने बच्चों को आग आग से बचाव एवं अग्निशमन यंत्रों का उपयोग एवं रख-रखाव के बारे में जानकारी दी। बच्चों एवं स्कूल स्टाफ ने अग्निशमन यंत्रों का स्वयं इस्तेमाल कर उनको चलाने का तरीका भी सीखा। एचपी के एजीएम ने बताया कि स्कूल में लगे हुए अग्निशमन यंत्र सिर्फ दिखावे के लिए ना हों, उनका बेहतर रखरखाव हो ताकि वक्त जरूरत पर उनका उपयोग किया जा सके और प्रत्येक व्यक्ति को उसको चलाने का भी अनुभव प्राप्त हो।
दरअसल, गुजरात के सूरत के सरथाना इलाके में स्थित तक्षशिला कॉम्प्लेक्स में बने एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में आग की घटना के बाद से ही स्कूल संचालक प्रदीप जैन चिंटू सर के मन में बच्चों को इस तरह की घटनाओं के वक्त कैसी सावधानी रखें और ऐसी घटनाओं से कैसे बचें, यह सिखाने का विचार चल रहा था। बच्चों को जागरुक करने के उद्देश्य से चिंटू जैन और स्कूल की प्राचार्य श्रीमती संध्या जैन ने स्कूल में इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में बच्चों को अग्निशमन यंत्रों का संचालन करना, आगजनी के वक्त विशेष सावधानी बतायी गई तथा अग्निशमन यंत्रों के रख रखाव के विषय में खास तौर से प्रशिक्षित किया।

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