फल वाले पीटते रहे नपा कर्मियों को, लोग तमाशा देखते रहे

इटारसी। आज दोपहर में बीच रोड पर हाथ ठेला लगाकर यातायात में बाधा बन रहे रहे तीन फल वालों को जब नगर पालिका के कर्मचारी ने रोड से साइड होने को कहा तो न सिर्फ उन फल वालों ने नपा कर्मी से अभद्रता की, बल्कि उसके साथ हाथापायी और मारपीट पर उतर आए। तीन युवकों ने नपा कर्मी से मारपीट की लेकिन बाजार में मौजूद लोगों ने उस कर्मचारी को बचाने की हिम्मत नहीं दिखायी। इस बीच समीप के ही दुकानदार कन्हैया गुरयानी और अमन अग्रवाल ने तत्काल नपा के अधिकारियों और पुलिस को खबर करके उक्त कर्मचारी को बचाया।
पुलिस की तरफ से और ना ही नपा की तरफ से इस कर्मचारी की मदद करने कोई पहुंचा। पुलिस थाने जब अमन अग्रवाल ने फोन लगाया तो जवाब मिला कि डायल-100 को कॉल कर दो। जब श्री अग्रवाल ने कहा कि आपको फोन लगा दिया है, आप ही कुछ करिए तो जवाब मिला फरियादी को थाने भेज दो। यानी पुलिस ने पहुंचने की जेहमत नहीं उठायी। इस बीच सीएमओ अक्षत बुंदेला ने वाट्स अप पर घटना की जानकारी देखी तो तत्काल टीआई विक्रम रजक को इसकी सूचना दी, इसके बाद पुलिस ने उक्त नपा कर्मी युवक की मदद की और उससे घटना के संबंध में आवेदन लिया है।

नहीं रुक रही फल वालों की दादागिरी
इस समय फल वालों की दादागिरी चरम पर है। शहर के बाजार में ऐसा कोई स्थान नहीं है, जहां ये फल विक्रेता बीच रोड पर या पक्की दुकानों के सामने खड़े रहकर अपना धंधा नहीं जमाते हों। यदि किसी दुकानदार ने उनको अपनी दुकान के सामने से हटने को कह दिया तो समझो गालियों से उसकी अच्छी तरह से मरम्मत कर दी जाती है। बीच रोड पर जब नपा कर्मी इनको हटाने का प्रयास करते हैं तो ये मारने पर उतारू हो जाते हैं। खास बात यह है कि नगर पालिका कर्मचारी इनको बीच रोड पर खड़े होने से रोकने का प्रयास करते हैं जबकि यातायात पुलिस कभी इनको यातायात में अवरोध पैदा करने पर रोकटोक नहीं करती, बल्कि कुछ यातायात कर्मी तो इनके ठेले पर जाकर फल आदि उठाकर खाते देखे जाते हैं। इन हालात में इस तरह के फल वालों के हौंसले बुलंद नहीं होंगे तो क्या होगा?

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