फेज 3 : साढ़े पांच मीटर चौड़ी सड़कों से जुड़ेंगे गांव, आसान होगा सफर

इटारसी। बारिश में बदहाल हुई मप्र समेत संसदीय क्षेत्र की ग्रामीण सड़कों से परेशान जनता के लिए राहत भरी खबर है। यह खबर उन ग्रामीणों के लिए फायदेमंद होगी जो आज भी अपने गांव के लिए पगडंडी मार्ग से आवाजाही करते हैं। सांसद राव उदय प्रताप सिंह ने बताया केन्द्र सरकार सड़क परिवहन मंत्रालय ने हर संसदीय क्षेत्र के विकासखंडों में 40-50 किलोमीटर पक्की सड़कें बनाने की योजना बनाई है। यह सड़कें 5.5 मीटर चौड़ी होंगी।

यह है योजना
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाय) की शुरूआत 25 दिसंबर 2000 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का मकसद है, पूरे देश में गांवों को आपस में बारामासी सड़कों से जोडऩा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य 500 या उससे अधिक आबादी वाले ग्रामीण इलाकों और पहाड़ी व रेगिस्तानी क्षेत्रों में 250 लोगों की आबादी वाले गांव में जहां सड़कें नहीं हैं, वहां सड़कों को पहुंचाना। इस योजना का लाभ ग्रामाणों को कई मायनों में मिलेगा। सबसे बड़ा फायदा है कि लोग शहर से आसानी से सीधा जुड़ सकेंगे और अपनी फसलों को बेच सकेंगे। इसके अलावा योजना में जो सड़कें बनाइ हैं, उनका रखरखाव करना भी योजना में शामिल है। नरसिंहपुर जिले सहित होशंगाबाद संसदीय क्षेत्र में साढ़े 5 मीटर मार्ग भारत सरकार ने सांसदों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर बनाने निर्णय किया है। इसमें हर विकासखंड में भारी वाहन एवं बड़ी बसाहटों को आपस में जोडऩे के लिए 40-50 किमी साढ़े पांच मीटर चौड़े मार्ग का निर्माण किया जाएगा। इसमें उन गांवों को शामिल किया जाएगा जो एक तरफ से तो जुड़े हैं लेकिन दूसरी तरफ के बड़े गांव से नहीं जुड़े हैं और ऐसे गांव जो बाजार, अस्पताल, हाई स्कूल, हायर सेंकडरी स्कूल व महाविद्यालय आदि से सीधे नही जुड़े हैं, उनको भी इस तरह के मार्गों से जोडऩे का काम प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (फेज-3) में होगा। सांसद सिंह ने बताया कि भारत सरकार की यह व्यवस्था छोटे गांव को बड़े गांव से व आबादी को अस्पताल, स्कूल, महाविद्यालय एवम बाजार से जोडऩे के लिए भारी वाहनों के उपयोग में भी आने वाली इन मजबूत सड़कों से क्षेत्रवासियों को बहुत लाभ होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जीवन रेखा साबित होने वाली इस योजना से गांव गांव को लाभ प्राप्त होगा।

नया नेटवर्क बनेगा
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना फेज-3 में क्षेत्र के हर विकासखंड में 40-50 किमी. की पक्की सड़कें बनेंगी। इससे दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक पक्का मार्ग बनेगा, साथ ही विकास के नए रास्ते खुलेंगे। मैंने होशंगाबाद जिले में प्रस्तावित मार्गों का फीडबैक लिया है, इसे मंजूरी के लिए सरकार को भेजेंगे। डीपीआर-वित्तीय मंजूरी समेत सारी कार्रवाई पूरी कर काम शुरू कराएंगे।
राव उदय प्रताप सिंह, सांसद

आयात शुल्क का स्तर बनाएं
संसद में सांसद राव उदयप्रताप सिंह ने किसानों की उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दाम में न बेचने का मुद्दा भी उठाया। सिंह ने कहा कि नरसिंहपुर, होशंगाबाद एवं रायसेन जिले में गेहूं, चना, मसूर, धान की बंपर पैदावार है, लेकिन मंडियों में सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य से कम में फसल बिकती है। सरकार हर किसान का अनाज खरीद ले यह संभव नहीं है, केन्द्र सरकार द्वारा लगातार मूल्य बढ़ोतरी का उन्होंने स्वागत करते हुए कहा कि ऐसा सिस्टम बनाया जाए, जिससे न्यूनतम समर्थन से ज्यादा भाव मिलें। उन्होंने विदेशों से आयातित अनाज पर आयात शुल्क को इस स्तर पर रखने की मांग उठाई, जिससे किसानों को मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य से ज्यादा दाम मिले।

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