फोड़े दो एटीएम के कांच, सुरक्षा पर सवाल

फोड़े दो एटीएम के कांच, सुरक्षा पर सवाल

इटाररसी। शहर के एटीएम कितने सुरक्षित हैं, यह बीती रात की घटना से स्पष्ट हो जाता है. पुलिस गश्त की कमी और एटीएम की सुरक्षा के प्रति लापरवाही के परिणामस्वरूप शरारती तत्वों ने शहर के दो एटीएम के गेट पर लगे कांच फोड़ दिए। खास बात यह है कि जिन दो एटीएम में यह वारदात हुई है, उन दोनों में सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। घटना के वक्त दोनों एटीएम के साथ बने कक्ष में सो रहे थे। घटना आज सुबह की बतायी जा रही है.
यह घटना पहली बार नहीं हुई है जब शहर के एटीएम के कांच फोड़े गए हैं, इससे पहले भी रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एटीएम के कांच फोड़ दिए गए थे। एटीएम में छेड़छाड़ की घटनाएं भी जब-तब होती रहती है। शहर में कहने को पुलिस सारी रात गश्त करती है, लेकिन इस तरह की घटनाओं से सवाल उठते हैं कि आखिर पुलिस गश्त करती कहां है। डायल 100 को पूरे वक्त मुस्तैद बताया जाता है, लेकिन उसकी भी गतिविधि बाजार क्षेत्र में कहीं दिखाई नहीं देती है। कम से कम जहां कैश रखा हो, वहां की निगरानी तो पुलिस की भी जिम्मेदारी बनती है। पुलिस केवल निजी कंपनियों के सुरक्षा गार्ड के भरोसे एटीएम की निगरानी छोड़ देती है। सवाल यह भी है कि जिस इलाहाबाद बैंक के एटीएम का कांच फोड़ा गया है, वह थाने से कुछ कदम की दूरी पर है तथा थाने के पीछे स्थित पुलिस लाइन के ठीक सामने है। सातवी लाइन स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम का कांच भी फोड़ा गया जो आबादी वाला क्षेत्र है, ऐसे में इनकी सुरक्षा की क्या गारंटी और पुलिस की गश्त पर कितना भरोसा किया जाए?
बैंक प्रबंधन की तरफ से भी इतनी लापरवाही कि देर शाम तक थाने में बैंकी की ओर से इन घटनाओं की शिकायत तक दर्ज नहीं करायी गई है। टीआई भूपेन्द्र सिंह मौर्य ने शाम को पूछने पर बताया कि उनके पास तक ऐसी कोई शिकायत भी नहीं आयी और उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी भी नहीं है।

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