बच्चों ने जानी डीजल शेड की कार्यविधि

बच्चों ने जानी डीजल शेड की कार्यविधि

इटारसी। जीनियस प्लानेट स्कूल प्रबंधन द्वारा कक्षा पांचवी, छटवीं एवं सातवीं के बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण के लिये डीजल लोको शेड ले जाया गया। जहां बच्चों को लोको शेड का भ्रमण एवं वहां होने वाले कार्य को लोकोफोरमेन आफिस के श्री पटैल द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। बच्चों के उत्सुकता भरे प्रश्न थे कि इंजन का वजद कितना होता है, बारिश में ट्रेन के पहिये स्लिप क्यों नहीं होते हैं, इंजन में डीजल टैंक की क्षमता कितनी होती है, आदि। जिसके बड़े ही सहजता से श्री पटैल ने बच्चों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंजन में पहले एक घंटे में 25 लीटर डीजल जलता था परंतु वर्तमान में उपयोग एपीयू टेक्नोलाजी के कारण केवल 3 लीटर डीजल की खपत होती है। उन्होंने बच्चों को बताया कि इटारसी डीजल लोको शेड में प्रतिदिन लगभग 138 इंजन मेंटेनेंस के लिये आते हैं एवं एक इंजन 24 माह बाद पुन: पूर्ण रूप से रिपेयर होता है। श्री पटेल ने बच्चों को ब्राड गेज, नेरो गेज एवं मीटर गेज की जानकारी विस्तृत रूप से दी साथ ही उन्होंने बताया कि देश में लगभग 64000 किलोमीटर रेल लाइन है। स्कूल प्रबंधन की और से जाफर सिद्दीकी ने सीनियर डीएमई त्रिपाठी एवं एडीएमई राजेश पटैल को स्मृति चिन्ह भेंट किया।

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