ब्यावरा-पवारखेड़ा का विकास उपनगर की तरह हो

ब्यावरा-पवारखेड़ा का विकास उपनगर की तरह हो

इटारसी। शहर के अधिवक्ता और कुछ किसान चाहते हैं कि नेशनल हाईवे पर इटारसी और होशंगाबाद के बीच बसे ग्राम पवारखेड़ा और ब्यावरा का विकास उपनगर के तौर पर योजनाबद्ध और सुनियोजित तरीके से हो।
अधिवक्ता संतोष गुरयानी ने यहां जारी एक बयान में कहा कि भौगोलिक रूप में देश के मध्य हमारा प्रदेश है और मानचित्र में इटारसी रेलवे का बड़ा जंक्शन है। जिला मुख्यालय होशंगाबाद और इटारसी के मध्य बसे ये दोनों ग्राम उपनगर बनने की क्षमता रखते हैं। दोनों गांव में राजस्व भूमि भी पर्याप्त है। यदि इनको उपनगर के रूप में विकसित किया जाता है तो निश्चित ही अनेक समस्याओं का एक बार में ही निराकरण हो जाएगा। अधिवक्ताओं की ओर से उन्होंने कहा कि क्षेत्र को नोएडा और चंडीगढ़ की तर्ज पर विकसित किया जाए। नर्मदापुरम संभाग और जिले के सभी मुख्याहलय कार्यालय, अधिकारियों के बंगले, कर्मचारियों के निवास योजनाबद्ध निर्मित किए जाएं जिससे व्यक्ति को अपनी किसी समस्या के निराकरण के लिए भटकना न पड़े। यह क्षेत्र संभाग के बीच में स्थित है तथा हर तरफ से बायपास से पहुंच है।
उन्होंने बताया कि अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रघुवंश पांडेय, वरिष्ठ अधिवक्ता धनपान पटेल, अशोक शर्मा, हिमांशु मिश्रा, अरविंद गोईल, बलदेव सोलंकी, रघुराज सिंह बघेल, राकेश मालवीय ने भी इस मार्ग का समर्थन किया है। इसके अलावा उन्होंने किसान मोर्चा सहित अन्य समाजसेवी संगठनों का जिक्र भी किया है।

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