मंडी प्रशासन ने ली बैठक, एक सप्ताह में लेना होगा लायसेंस

मंडी प्रशासन ने ली बैठक, एक सप्ताह में लेना होगा लायसेंस

इटारसी। फल एवं सब्जी के थोक व्यापारियों को एक सप्ताह में लायसेंस लेना होगा। राज्य शासन ने फल एवं सब्जी के थोक व्यापार के लिए लायसेंस लेना अनिवार्य कर दिया है। फल एवं सब्जी को नोटीफाई करने के बाद अब यह कारोबार कृषि उपज मंडी परिसर से ही किया जा सकेगा। शासन ने एक ही स्थान पर अनाज के साथ फल, सब्जी, फूल, मसाले आदि का विपणन हो सके इसके लिए इटारसी कृषि उपज मंडी को अधिसूचित किया है। शासन का मानना है कि इससे इन चीजों का विपणन उचित तरीके से होगा और व्यापारियों को योजनाओं का लाभ मिलेगा और प्रतिस्पर्धा भी होगी।
सोमवार को भारसाधक अधिकारी और एसडीओ राजस्व हरेन्द्र नारायण ने सचिव उमेश बसेडिय़ा शर्मा की उपस्थिति में मंडी सभागार में शहर के फल एवं सब्जी के थोक व्यापारियों की बैठक लेकर उनको कहा है कि एक सप्ताह में वे अपनी लायसेंस लेने की प्रक्रिया पूर्ण कर लें। अब बाहर से जो भी सब्जियां आएंगी, उनके थोक व्यापार पर 1.5 फीसद टैक्स देना होगा और थोक व्यापार मंडी परिसर में ही किया जा सकेगा। व्यापारियों की ओर से सवाल उठाया गया कि कृषि उपज मंडी में फल एवं सब्जी के कारोबार के मान से अभी सुविधाओं का अभाव है, तो फिलहाल प्रशासन ने लायसेंस की प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा है, जहां अभी व्यापार कर रहे हैं, वहीं ये व्यापारी तब तक व्यापार करेंगे, जब तक कि कृषि उपज मंडी परिसर में इसके लिए व्यवस्थाएं नहीं जुटा ली जातीं।

नयी व्यवस्था में ये होगा
इस नयी व्यवस्था में अब फल एवं सब्जी के थोक कारोबार पर व्यापारियों को मंडी समिति को टैक्स देना होगा। इस कारोबार पर मंडी प्रशासन का नियंत्रण हो जाएगा। मंडी से जो भी माल बाहर जाएगा, तो यह निश्चितता रहेगी कि इसका टैक्स अदा किया जा चुका है। हालांकि अभी व्यापारियों को केवल लायसेंस बनवाने को कहा है, व्यापार मंडी परिसर से तभी प्रारंभ होगा जब यहां व्यवस्था जुटा ली जाएगी। यह सारा काम धीरे-धीरे ही हो सकेगा। बता दें कि मप्र राजपत्र दिनांक 13 जनवरी 2020 से फल-सब्जी की अधिसूचना जारी हो गयी है। इसके अनुसार अब फल और सब्जी का कारोबार कृषि उपज मंडी परिसर से ही होगा जैसे अनाज का होता है। अब तक सब्जी मंडी से चल रहा कारोबार बंद होगा। सोमवार की बैठक में व्यापारियों ने कहा कि जो बड़े थोक व्यापारी हैं, वे लायसेंस लेंगे और छोटे व्यापारियों को इन सबसे मुक्त रखा है।

व्यापारियों को दिये गये निर्देश
मंडी प्रबंधन सब्जी और फल व्यापारियों को पत्र भी जारी कर चुका है। सोमवार को बैठक लेकर मंडी के भारसाधक अधिकारी और एसडीओ हरेन्द्र नारायण ने व्यापारियों से लायसेंस प्राप्त करने को कहा है। व्यापारियों ने इस पर सहमति जता दी है। लेकिन, जब तक कृषि मंडी परिसर में व्यवस्थाएं नहीं होती, जहां कारोबार चल रहा है, वहीं होगा। जब यहां से कारोबार प्रारंभ हो जाएगा तो बड़े थोक व्यापारी छोटे व्यापारियों को फल एवं सब्जी मंडी में माल पहुंचाकर देंगे ताकि उन पर अतिरिक्त भार न आये। व्यापारियों का कहना है कि फल और सब्जी के व्यापार में ज्यादातर महिलाएं और बुजुर्ग कार्यरत हैं, जो हर रोज कम माल लेकर अपनी आजीविका चलाते हैं, वे सब्जी मंडी से इतनी दूर आकर माल लेने की स्थिति में नहीं रहेंगे। अत: थोक व्यापारी उनको सब्जी और फल मंडी में ही माल पहुंचाकर देंगे।

क्या है योजना
शहर में अभी सब्जी मंडी में ही फल एवं सब्जियों का थोक मार्केट भी चल रहा है। इस मंडी में देश के कई राज्यों के अलावा आसपास के ग्रामीण अंचलों से फल और सब्जियां आती हैं। शहर में इस कारोबार से जुड़े कई बड़े व्यापारी हैं। थोक-फुटकर दोनों बाजार सटे होने से इनको कारोबार में सुविधा लगती है। हालांकि जगह की कमी एवं ट्रांसपोर्ट की समस्या अवश्य होती है। लेकिन, यह इनकी आदत में शामिल हो गया है। हालांकि शासन का मानना है कि कृषि मंडी में नये बाजार से थोक कारोबारियों को फायदा होगा। यहां केले, सेबफल, हरी मिर्च, आलू, प्याज, संतरा, अनार समेत कई तरह के मौसमी फल सब्जियों का बड़े पैमाने पर कारोबार है।

यह रहेगी सुविधा
– फल-सब्जी मंडी के लिए एक तीसरा गेट बनेगा
– 20 गुणा 60 मीटर का हाई राइज शेड बनेगा
– मंडी में सीसी रोड और नाली बनायी जाएगी
– सुविधा हेतु 20 गुणा 60 मीटर कव्हर्ड गेट
– पेयजल के लिए पाइप लाइन और प्याऊ
– 4 गुणा 15 मीटर के दो छोटे शेड भी बनेंगे
– डीलक्स शौचालय बनाने की भी योजना है
– स्ववित्तीय आधार पर प्लाट, शॉप, गोदाम

इनका कहना है…
राज्य सरकार ने फल-सब्जी को नोटीफाई कर दिया है। अब बाहर से जो भी फल और सब्जियां आएंगी, थोक व्यापार पर मंडी टैक्स देना आवश्यक होगा। सभी व्यापारियों को आज हुई बैठक में जानकारी दी गई है। इस नयी व्यवस्था में मंडी प्रशासन का इस कारोबार पर नियंत्रण होगा। जहां तक व्यवस्थाओं की बात है तो यह धीरे-धीरे करके व्यापार को यहां शिफ्ट कराया जाएगा।
हरेन्द्र नारायण, एसडीओ राजस्व एवं भारसाधक अधिकारी

शासन से जाकर मिलेंगे
शासन चाहता है कि थोक व्यापार मंडी परिसर से किया जाए। हम बड़े व्यापारी पंजीकृत होने को तैयार हैं। लेकिन छोटों को अभी मुक्त रखा जाना चाहिए। कुछ हमारी मांगें शासन स्तर की हैं, जल्द ही हमारा प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से जाकर मिलेगा और अपनी मांगें रखेगा।
जसपाल सिंघ भाटिया, फल कारोबारी

फिलहाल लायसेंस बनवाने कहा
आज मंडी प्रशासन ने फल एवं सब्जी के व्यापारियों को बुलाकर एक बैठक ली है। हमसे फिलहाल लायसेंस बनवाने को कहा है। हम इसके लिए तैयार हैं। फिलहाल यहां इस कारोबार के लिए कोई व्यवस्था नहीं है और इस बैठक में इस पर कोई बात भी नहीं हुई है। लायसेंस बनवा लेंगे और अभी वहीं काम करेंगे जहां कर रहे हैं।
सोनू बिन्द्रा, थोक सब्जी विक्रेता

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Narmadanchal

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