मप्र की धरती पर ही मिलेगा प्रवासी मजदूर को काम

मप्र की धरती पर ही मिलेगा प्रवासी मजदूर को काम

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोविड संकट काल में लौटे हर प्रवासी श्रमिक को मध्यप्रदेश की धरती पर ही उनकी योग्यता अनुसार रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री सहित पूरी टीम आपके साथ है। रोजगार सेतु के माध्यम से जहां प्रवासी श्रमिकों को उनकी दक्षता अनुसार रोजगार प्राप्त हो रहा है, वहीं नियोक्ताओं को उनकी आवश्यकता के अनुसार कामगार मिल रहे हैं। नियोक्ता अधिक से अधिक प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दें, सरकार उनके कार्य में सहयोग करेगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान प्रदेश के 7 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों एवं 19 हजार से अधिक नियोक्ताओं को फेसबुक लाइव के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से कुछ जिलों में प्रवासी श्रमिकों एवं नियोक्ताओं से बातचीत भी की। इस अवसर पर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, एसीएस मनोज श्रीवास्तव, एसीएस डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव संजय शुक्ला आदि उपस्थित थे।
सभी को दिया जा रहा है रोजगार
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक प्रवासी श्रमिक को रोजगार दिया जा रहा है। अभी तक 3 लाख 37 हजार 857 प्रवासी श्रमिकों के जॉब कार्ड बनाए गए हैं तथा एक लाख 62 हजार 840 को रोजगार दिया गया है। ए.सी.एस. श्री मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में मनरेगा के अंतर्गत अभी तक 45 लाख 96 हजार मजदूरों को कार्य उपलब्ध कराया गया है।
रोजगार सेतु के माध्यम से रोजगार
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में 6004 प्रवासी श्रमिकों को रोजगार सेतु के माध्यम से रोजगार दिया गया है, यह प्रक्रिया निरंतर जारी है। मुख्य सचिव श्री बैंस ने कहा कि रोजगार सेतु कौशल अनुसार रोजगार दिलाने का ऑटोमेटिक मोड बन गया है।
जरूरत अनुसार मिल रहे हैं कामगार
रोजगार सेतु में 19 हजार 641 नियोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान से चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि रोजगार सेतु के माध्यम से उन्हें जरूरत के अनुसार कामगार आसानी से मिल रहे हैं। कोरोना संकट के कारण उपजी ‘लेबर प्रोब्लम’ दूर हो गई है।
सभी प्रवासी श्रमिक संबल योजना में
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सभी प्रवासी श्रमिकों को संबल योजना में जोड़ा गया है। अब उन्हें बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, दुर्घटना सहायता, मृत्यु पर सहायता, अंत्येष्टि सहायता, बिटिया की शादी, प्रसूति सहायता, बिजली बिलों में छूट सहित सभी सुविधाएं मिलेंगी।
प्रवासी श्रमिकों के बच्चों को शालाओं में प्रवेश
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों के बच्चों के शालाओं में नामांकन के लिए प्रक्रिया अपनाते हुए प्रवासी श्रमिकों के साथ वापस लौटे 5 से 18 वर्ष के 2 लाख 6 हजार 425 बच्चों का चिन्हांकन किया जाकर 75 हजार 385 बच्चों को शालाओं में प्रवेश देने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। शेष बच्चों को स्कूल चले अभियान में स्कूल चालू होने पर नि:शुल्क प्रवेश सुनिश्चित कराया जायेगा।
गरीब कल्याण रोजगार अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रवासी श्रमिकों के लिए 116 जिलों में महत्वपूर्ण गरीब कल्याण रोजगार अभियान चालू किया गया है, जिसमें मध्यप्रदेश के 24 जिले शामिल किए गए हैं। गरीब कल्याण रोजगार अभियान में मनरेगा में 100 के स्थान पर 125 दिवस कार्य उपलब्ध कराने के साथ ही प्रवासी श्रमिकों की बेहतरी के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, सिंचाई व्यवस्था आदि विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त राशि प्रदाय की जायेगी।
योग्यतानुसार कार्य मिलने पर धन्यवाद
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के प्रवासी श्रमिकों से बातचीत की, जिन्हें रोजगार सेतु पोर्टल के माध्यम से काम मिला है। सभी ने उन्हें उनकी योग्यता के अनुसार काम मिलने के लिए मामा को धन्यवाद दिया और कहा कि वे अब मध्यप्रदेश छोड़कर नहीं जाएंगे। अनूप सिंह को जेपी स्ट्रक्चर जबलपुर में राज मिस्त्री का कार्य, शांतिलाल को शिवजी कंस्ट्रक्शन रतलाम में मिस्त्री का कार्य, सुमित नामदेव को सतना में कम्प्यूटर ऑपरेटर का कार्य, श्री रोहित कटियार को आज्ञा इंटरप्राइजेस भोपाल में हेल्पर का कार्य, मगल को बी शांतिलाल पटेल कंस्ट्रक्शन कंपनी में श्रमिक का कार्य, राहुल को मेसर्स अनीक मिल्क प्रोडक्ट प्रा.लि. देवास में हेल्पर का कार्य, मनोज को लेन्सेक्स इंडिया प्रालि नागदा में श्रमिक का कार्य तथा आकाश अहिरवाल को बिलईया कंपनी सागर में श्रमिक का कार्य प्राप्त हुआ है।
रोजगार देने वाले नियोक्ताओं से बातचीत की
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीसी में रोजगार सेतु पोर्टल के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों को रोजगार प्रदान करने वाले नियोक्ताओं भोपाल के श्री विवेक आज्ञा इंटरप्राइजेस, रतलाम के शिवकुमार शिवजी कंस्ट्रक्शन, देवास के संजय पटेल,अनिक मिल्क प्रोडक्ट प्रालि, जबलपुर के शशिधर सबनून जेपी स्ट्रक्चर प्रालि, सागर के गोविंद प्रसाद बिलैया एंड संस, उज्जैन के जगजीत ठेकेदार लेन्सेक्स उद्योग नागदा तथा आगर-मालवा के अमन शर्मा सिटी प्राईड बिल्डकान प्रा.लि. से बातचीत की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रोजगार सेतु पोर्टल पर नियोजन के लिये आवश्यक रिक्तियां प्रकाशित करने वाले नियोजकों जबलपुर के अमित सिंह साई सिक्योरिटी सर्विसेस, भोपाल के ब्रजपाल सिंह पाल इंडस्ट्रीज, उज्जैन के शंभु दत्ता सोनू प्लास्टिक, विदिशा के सौरभ हरदाहा नव भारत फर्टीलाइजर्स लिमिटेड, आगर-मालवा के प्रशांत रथ एलएंडटी कंस्ट्रक्शन तथा सतना के अपूर्व गुप्ता आदर्श वुड क्राफ्ट से भी बातचीत की।

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