महुआ का पेड़ बना आस्था का प्रतीक

बनखेड़ी। बनखेड़ी से लगभग 15 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत नयागांव के कोडा़पडरई कि कोरनी कुब्जा नदी के घाट के पास एक घने जंगल में महुआ का पेड़ पिछले 16 दिनों से आस्था का प्रतीक बना हुआ है। जिले ही नहीं होशंगाबाद, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, रायसेन जिले से प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग महुआ के पेड़ के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। यह क्षेत्र टाइगर रिजर्व प्रतिबंधित क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

लोगों का मानना है कि यहां पर लोगों के कष्टों से मुक्ति मिल रही है। जब लोग जमीन पर बैठकर जमीन पर हाथ रखते हैं तो हाथ पेड़ की ओर अपने आप खिसकने लगते हैं। पेड़ अपनी ओर खींचने लगता है। इसी कड़ी में प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग पेड़ के दर्शन करने के लिए जंगल पहुंच रहे हैं। पेड़ के दर्शन करने के लिए नदी पार कर कर जाना पड़ता है। शरद पूर्णिमा के अवसर पर हजारों लोगों ने पेड़ के दर्शन किए। जिससे रास्ते में लंबा जाम लगा रहा। प्रशासन अपनी ओर से कोई भी व्यवस्था नहीं कर पा रहा है।

CATEGORIES
TAGS
error: Content is protected !!
%d bloggers like this:
Narmadanchal

FREE
VIEW