माता वैष्णो : चालीसवे वर्ष में सवा चार सौ भक्त जाएंगे दर्शन करने

इटारसी। माता वैष्णों के सवा चार सौ भक्त इस वर्ष 13 जुलाई को दर्शन के लिए कटरा जाएंगे। 13 जुलाई, शुक्रवार को अंडमान एक्सप्रेस से वैष्णोदेवी दर्शन के लिए भक्तों का जत्था निकलेगा। चार दशक की इस यात्रा में अब तक करीब तीस हजार से अधिक भक्त माता के दर्शन करने जा चुके हैं। श्री माता वैष्णो देवी यात्रा समिति दुर्गा चौक के बैनर तले यह आयोजन विगत चालीस वर्ष से हो रहा है।
यात्रा संयोजक जतिन सतीश बतरा ने बताया कि इस वर्ष यात्रा का यह 40 वॉ वर्ष है और इन चार दशकों में अब तक करीब तीस हजार से अधिक भक्त माता के दर्शन करने जा चुके हैं। इस वर्ष मां वैष्णोदेवी धाम के लिए इटारसी से जत्था 13 जुलाई को रवाना होगा। सुबह 7 बजे अंडमान एक्सप्रेस से जत्था जाएगा। संयोजक जतिन बतरा ने बताया कि सुबह माता की आरती की पालकी लेकर भक्त स्टेशन पहुंचेंगे। यहां ट्रेन में माता की आरती के बाद जत्था रवाना होगा।


पांच से हुई थी शुरुआत
जत्थे के संस्थापक सतीश बतरा ने बताया कि पहला जत्था वे अपने केवल पांच मित्रों के साथ 1979 में लेकर गए थे। तब सोचा भी नहीं था कि माता की सेवा का सफर ऐसा होगा। पहले वर्ष ही माता की कृपा से अद्भुत उपलब्धि प्राप्ति हुई और यह सफर निरंतर हो गया। दूसरे वर्ष कुछ परिवार और जुड़े और माता के भक्तों की संख्या 35 हो गई। तीसरे वर्ष से भक्तों की संख्या एक सैंकड़ा पार हुई और इन 38 वर्षों में हर वर्ष चार से पांच सौ भक्त माता रानी के दर्शन करने जुलाई माह में जाते हैं।

ऐसे होगा सफर आसान
माता के भक्त, एक बोगी के एक कूपे में माता का दरबार सजाते हैं, रास्ते भर भजन कीर्तन चलता है, जिससे भक्ति के साथ सफर आसान होता जाता है। रास्ते में भक्तों को सुबह की आरती के बाद नाश्ता दिया जाता है और जब दोपहर में बीना से ट्रेन आगे बढ़ती है तो भोजन का वक्त हो जाता है। यहां भक्तों को समिति के सदस्य भोजन के रूप में प्रसादी वितरित करते हैं। शाम को मथुरा में नाश्ता या मौसम अनुरूप जलपान चलता है। रात को दिल्ली में भोजन के बाद सारी रात भक्त आराम करते हैं और फिर सुबह पंजाब में सुबह होने के बाद माता के दर्शन की उत्सुकता बढ़ती जाती है। ट्रेन जब जम्मू स्टेशन पहुंचती है तो फिर भक्त पूरे उत्साह में लबरेज हो जाते हैं।

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