यदि पानी नहीं, तो प्रदेश में दोषियान का होगा आखिरी प्रोजेक्ट

आयुक्त नगरीय प्रशासन तकनीकि ने कंपनी के प्रोजेक्ट इंचार्ज को दी तल्ख़् लहज़े में चेतावनी

आयुक्त नगरीय प्रशासन तकनीकि ने  कंपनी के प्रोजेक्ट इंचार्ज को दी तल्ख़् लहज़े में चेतावनी
इटारसी । यदि 31 मार्च तक इटारसी शहर को जल आवर्धन का पानी नहीं मिला तो दोषियान का मध्यप्रदेश का यह आखिरी प्रोजेक्ट होगा, आप इसे समझ लें। मैं 15 से 20 मार्च को पुन: यहां आकर आपकी प्रोग्रेस रिपोर्ट देखूंगा। 20 फरवरी तक रेलवे क्रासिंग का काम शुरु कराएं और दो से तीन दिन में एनएच क्रासिंग का काम शुरु करें। 15 मार्च तक रेलवे क्रासिंग का काम खत्म हो जाना चाहिए. यदि अब इसे गंभीरता से नहीं लिया तो प्रदेश से आपकी कंपनी की बिदाई समझें।
यह तल्ख़् चेतावनी आज मेहराघाट दौरे पर पहुंचे आयुक्त नगरीय प्रशासन (तकनीकि) एसएच राजपूत ने कंपनी के प्रोजेक्ट इंचार्ज महेश मिश्रा को दी। इस दौरान एक्जीक्यूटिव इंजीनियर आलोक चौकसे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुरेश दुबे, नगरीय प्रशासन संभाग आफिस से सब इंजीनियर श्री वर्मा, सब इंजीनियर मुकेश जैन, स्वच्छता निरीक्षक आरके तिवारी भी मौजूद थे। श्री राजपूत ने इंटेकवेल, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, पॉवर प्लांट, फिल्टर प्लांट का बारीकी से निरीक्षण किया और कई ऐसे सवाल किए जिनका कंपनी के प्रतिनिधि के पास जवाब नहीं था। श्री राजपूत ने कहा कि जल्द से जल्द यहां ट्रांसफार्मर फिटिंग और लैब कंपलीट कराएं। उन्होंने पाइप लाइन पर जब बात शुरु की तो श्री मिश्रा ने बताया कि इटारसी-तवा पुल रोड निर्माण के दौरान पाइप लाइन में टूट-फूट हो रही है। श्री राजपूत ने कहा कि फ्लेग पोस्ट लगाएं कि यहां से हमारी पाइप लाइन है, जो विभाग रोड बनवा रहा है, उसके अधिकारियों को बताए कि वे ठेकेदार को बता दें कि यदि अब टूट-फूट हुई तो एफआईआर करायी जाएगी।
it14217 (3)रेस्ट हाउस में की अफसरों से बात
भोपाल से पहले सीधे रेस्ट हाउस पहुंचे आयुक्त (तकनीकि) एचएस राजपूत ने यहां ईई आलोक चौकसे, सीएमओ सुरेश दुबे और सब इंजीनियर मुकेश जैन से नगर पालिका द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी ली. उन्होंने मेहराघाट जल आवर्धन योजना की प्रोग्रेस पूछी। इसके साथ ही कार्यावधि की जानकारी भी ली। जब उन्हें यह पता चला कि इटारसी ही नहीं दोषियान ने प्रदेश का कोई प्रोजेक्ट अब तक पूर्ण नहीं किया है तो वे नाराज़ हुए। उन्हें अधिकारियों ने बताया कि कंपनी काफी सुस्ती से काम कर रहीit14217 (4) थी, जब दबाव बनाया तो अंतिम छह माह में कार्य में इतनी तेजी आयी कि नब्बे फीसदी से अधिक काम पूर्ण हो चुका है। श्री राजपूत ने एचटी लाइन, सब स्टेशन, ओवरहेड टंकियां, टेस्टिंग जैसी बातों पर स्थानीय अधिकारियों से जानकारी ली।


 
रेन बसेरा की तारीफ कर गए
नगरीय प्रशासन के आयुक्त तकनीकि श्री राजपूत को रेन बसेरा बहुत पसंद आया. उन्होंने यहां की व्यवस्थाएं देखी। बिस्तर, शौचालय देखे और कहा कि इस तरह का रेन बसेरा अब तक कहीं नहीं देखा। हालांकि सीएमओ श्री दुबे ने कहा कि कुछ ज्यादा अच्छा बन जाने से वे लोग आने में संकोच कर रहे हैं, जिनके लिए बना है। श्री राजपूत ने कहा कि इसके लिए सर्वे कराएं कि ऐसे कितने लोग हैं जिनके पास सोने की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्हें भरोसे में लें और यहां लाएं. जो बुजुर्ग हों, बीमार हों, उनको प्राथमिकता दें। रात के वक्त रेलवे स्टेशन पर जाकर देखें। उन्हें रेन बसेरा इतना पसंद आया कि वे अपने साथ इसकी फोटो मोबाइल से निकालकर ले गए. इसकी व्यवस्था के लिए 7 रजिस्टर मेंटेन करने, अग्रिशमन यंत्र लगाने के निर्देश भी उन्होंने दिए।
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it14217 (5)गरीबों के आवास देखने भी गए
मेहराघाट से वापसी में आयुक्त श्री राजपूत आईएचएसडीपी योजना के अंतर्गत बने गरीबों के आवास देखने भी गए। उन्होंने शेष रहे 53 मकानों के बारे में जानकारी ली. श्री राजपूत को बताया गया कि सौ आवास आवंटित करके अधिकार पत्र सौंप दिए हैं और इन मकानों में लोग रहने भी लगे हैं। शेष मकानों के निर्माण का काम भी प्रारंभ हो गया है तथा सत्रह मकान बनकर भी तैयार हैं। इन मकानों को भी आवंटित करने के बाद जब झुग्गी से लोगों को यहां शिफ्ट कर दिया जाएगा तो झुग्गी के स्थान पर पुन: मकानों को बनाना शुरु कर दिया जाएगा। सब इंजीनियर श्रीकृष्ण कुमार बोहरे ने इस योजना के तहत अब तक की प्रगति की जानकारी दी। आयुक्त श्री राजपूत ने कहा कि काम में और तेजी लायी जाए ताकि मार्च के अंत तक इनको पूर्ण किया जा सके।
 
 
मीडिया से की बात
दौरान मुख्यत: तीन चीजों पर आधारित था. एक तो गरीबों के लिए बना आश्रय स्थल रेन बसेरा देखा। काफी अच्छा और साफ-सुथरा है। वाटर सप्लाई स्कीम के तहत मेहराघाट जाकर देखा है। जैसा प्रदेश सरकार की मंशा है कि 135 लीटर प्रतिदिन के मान से पानी व्यक्ति को उपलब्ध कराएं। हमने 31 मार्च तक पानी हर हाल में लाने को कहा है। 15 मार्च तक की टाइम लाइन दी है. गर्मी से पहले सप्लाई करा दी जाए, ऐसे प्रयास हैं।
एचएस राजपूत, आयुक्त तकनीकि नगरीय प्रशासन भोपाल

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