इटारसी। जनपद पंचायत केसला के सीईओ अपने ही एक आदेश में फंस गए हैं। दरअसल, ग्राम पंचायत रानीपुर के निवासियों और वहां के कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा उनके एक आदेश का विरोध करने के बाद उन्होंने अपने ही आदेश को मौखिक रूप से वापस ले लिया है। अपने पूर्व के आदेश पर जब उनसे सवाल किए तो वे अपने बयानों में स्वयं को बचाते नजर आए।
दरअसल, जनपद पंचायत केसला के सीईओ एसएस पठारिया ने एक लिखित आदेश निकालकर ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायकों को निर्देशित किया है कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के माध्यम से समस्त ग्रामवासियों के मकानों पर टीन की चादर की स्थायी भवन नंबर प्लेट लगाने एवं परिवारों के पंजीकरण का कार्य होना है। इसके लिए पंकज कुमार सिंह को अधिकृत किया है। आदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, वार्ड सदस्य, कोटवार, आशा कार्यकर्ताओं को इनका सहयोग करने को निर्देशित किया है। इस आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया है कि इसकी लागत 40 रुपए है जो भवन स्वामी से लिए जाएंगे। जब ग्राम पंचायत रानीपुर के तवानगर कस्बे में उक्त व्यक्ति ने ये प्लेट लगाया प्रारंभ किया तो वहां के पंच भूपेश साहू ने इसका विरोध किया। संबंधित व्यक्ति आधे से अधिक कस्बे में उक्त प्लेट लगाकर चालीस रुपए वसूल भी कर चुका है। श्री साहू का कहना है कि पंचायत इंस्पेक्टर विष्णु भारती के कहने से यह कार्य किया जा रहा है।
जब इसका विरोध हुआ और सीईओ श्री पठारिया से बातचीत की गई तो उन्होंने अपने आदेश का बचाव करते हुए कहा कि यह आदेश राजस्व ग्राम के लिए है, रानीपुर पंचायत के लिए नहीं। हम तत्काल इसे रोक रहे हैं और पंचायत इंस्पेक्टर को इसके मौखिक आदेश दे दिए हैं। चालीस रुपए वसूली के विषय में उनका कहना है कि यह स्वैच्छिक है। जो देना चाहे, उनसे लेना है। यह राशि किसी से जबरदस्ती वसूल नहीं की जाएगी। हालांकि उनके आदेश में स्वैच्छिक जैसा कोई जिक्र नहीं है और आधा से ज्यादा तवानगर के निवासी उक्त राशि दे चुके हैं।
पंच और तवा बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष भूपेश साहू ने बताया कि तवानगर में एक टीन की पट्टी लगाने के 40-40 रुपये वसूले गये हैं। उन्होंने जब इस संबंध में तहसीलदार को बताया तो उन्होंने कहा कि हमने ऐसे कोई आदेश जारी नहीं किये हैं। सीईओ केसला से पूछा तो उन्होंने बताया कि 40 रुपए देना अनिवार्य नहीं है। लेकिन तवानगर में तीन-चार दिन पहले से यह सर्वे हो रहा है। ग्रामवासियों आज इसकी शिकायत की तो यह बात सामने आई। श्री साहू ने कहा कि तवानगर की गऱीब जनता से वसूले 40-40 रु वापस होने चाहिए।
इनका कहना है…!
हमने यह आदेश राजस्व ग्राम के लिए जारी किए हैं। रानीपुर में वे इसे लगा रहे हैं, यह जानकारी मिलने के बाद हमने पंचायत इंस्पेक्टर को मौखिक आदेश देकर मना किया है।
एसएस पठारिया, सीईओ केसला
मुझे इसकी जानकारी नहीं थी। मेरे पास हाल ही में जनपद पंचायत के सीईओ का फोन आया है, मैं पता करके यह काम तत्काल बंद करा रहा हूं।
सुमेर सिंह कासदे, पंचायत सचिव
लोहे की पट्टिका के बदले लिए जा रहे 40 रुपए
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