वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री दादा रघुवंशी नहीं रहे

वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री दादा रघुवंशी नहीं रहे

इटारसी। कांग्रेस के नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व गृह एवं राजस्व कृषि मंत्री, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष दादा हजारीलाल रघुवंशी का 93 वर्ष की आयु में नेशनल हॉस्पिटल भोपाल में निधन हो गया है। दादा हजारीलाल नर्मदापुरम सहित पूरे प्रदेश में कृषि पुत्र के नाम से जाने जाते थे। उनकी दबंगता, सहजता, सरलता सबको प्रिय थी। उनके निधन से कांग्रेस ने एक महत्वपूर्ण नेता खो दिया। दादा हजारीलाल रघुवंशी का इटारसी से भी खासा लगाव रहा है। शहर के ओवर ब्रिज को पूर्ण कराने में भी उनका योगदान रहा है।

श्री रघुवंशी का परिचय
श्री रघुवंशी का जन्म होशंगाबाद जिले के सिवनी मालवा ब्लाक के ग्राम चतरखेड़ा में 5 जुलाई 1930 को हुआ था। दादा ने मैट्रिक तक शिक्षा प्राप्त की थी। वे अपने पीछे 5 पुत्र और दो पुत्रियां छोड़ गए हैं। मूलतः किसान श्री रघुवंशी को कुश्ती और जनकल्याणकारी कार्यों में विशेष रूचि थी।

श्री रघुवंशी का राजनीतिक जीवन
सन 1948 से सन 1976 तक की अवधि में मंडी समिति के उपाध्यक्ष।
सन 1970-1974 में कुसुम महाविद्यालय सिवनी मालवा समिति के उपाध्यक्ष। मंडल एवं तहसील कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष। ब्लाक जनपद पंचायत के अध्यक्ष एवं जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष।
सन 1977 में छठवीं विधान सभा के सदस्य निर्वाचित एवं पुस्तकालय तथा प्राक्कलन समिति के सदस्य।
सन 1977-1980 में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य।
सन 1980 में सातवीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित तथा राज्यमंत्री गृह, जेल, सिंचाई, पंचायत तथा बीस सूत्रीय कार्यक्रम विभाग रहे।
सन 1986-1989 तक राज्य बीस सूत्रीय कार्यक्रम समिति के सदस्य।
सन 1990-92 में मध्य प्रदेश कमेटी के उपाध्यक्ष।
सन 1991 से लगातार अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य।
सन 1993 में दसवी विधानसभा के सदस्य निर्वाचित एवं मंत्री, लोक निर्माण, कृषि, नगरीय कल्याण एवं सहकारिता विभाग रहे।
सन 1998 में ग्यारहवीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित एवं मंत्री, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, बीस सूत्र कार्यान्वयन, राजस्व, पुनर्वास, संसदीय कार्य विभाग रहे।
सन 2003 में पांचवीं बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित।
18 दिसंबर, 2003 से 11 दिसंबर, 2008 तक उपाध्यक्ष, मध्यप्रदेश विधान सभा।

CATEGORIES
TAGS

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus ( )
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: